मानसा के गांव बुर्जराठी में शौचालयों की चहार दीवारी गिराकर कब्जा करने पर सरपंच व दलित परिवार के बीच हुआ विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। इस संबंध में जहां थाना जोगा पुलिस ने दो दलित सगे भाइयों और उनके पिता के खिलाफ मामला दर्ज किया है वहीं दूसरे पक्ष ने सरपंच पर मारपीट का आरोप लगाया है। मामले में पीड़ित परिवार के पक्ष में मजदूर मुक्ति मोर्चा के आने के कारण संगठन व गांव की पंचायत में ठन गई है।
थाना जोगा की पुलिस ने गांव बुर्जराठी के अकाली सरपंच बलजिंदर सिंह घाली व अन्य पंचों की शिकायत पर सिविल अस्पताल में भर्ती दलित युवा सतनाम सिंह उर्फ काला, उसके भाई गग्गी सिंह व पिता सुखमंदर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मजदूर मुक्ति मोर्चा के नेता भगवंत सिंह समाओ, विद्यार्थी नेता प्रदीप गुरु बिंदर अलख ने बताया कि गांव की पंचायती जमीन पर कूड़े के ढेर लगाकर कब्जा किया हुआ है। इसका विरोध करने पर अकाली सरपंच बलजिंदर सिंह घाली ने अन्य लोगों सहित उनके परिवार के साथ मारपीट की।
जब पीड़ित परिवार ने पुलिस को शिकायत दी तो उनकी बात सुनने के बजाय उलटा उनके खिलाफ ही मामला दर्ज कर लिया गया। यदि दलित परिवार पर दर्ज मामले को रद्द करके अकाली सरपंच व उसके साथियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो तीव्र संघर्ष किया जाएगा।
थाना जोगा के प्रभारी महिंदरजीत सिंह ने बताया कि पुलिस को पंचायत ने शिकायत की थी कि इन लोगों ने दलितों के लिए बने शौचालयों की जगह पर जाकर कूड़े के ढेर लगाए, लकड़ियां काटी और नुकसान करके कब्जा करने का प्रयास किया। इसके अनुसार ही मामला दर्ज किया गया है। पुलिस इसमें कोई पक्षपात नहीं कर रही है।
वहीं गांव बुर्जराठी के अकाली सरपंच बलजिंदर सिंह घाली का कहना है कि कुछ महिलाओं ने पंचायत के पास आकर उनके शौचालयों पर कब्जा करने की शिकायत की थी। इसके बाद पुलिस को सूचना देकर यह कार्रवाई करवाई गई है। उन्होंने किसी के साथ मारपीट या हमला नहीं किया बल्कि उक्त लोगों ने ही पंचायत के साथ हाथापाई की है। बाद में वह खुद को चोटें मार कर अस्पताल दाखिल हो गए हैं।