ममदोट में एक अकाली नेता विरसा सिंह की संदिग्ध हालात में गोली चलने से मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि उस समय उक्त नेता घर में अकेला था और उसकी पत्नी कहीं गई हुई थी। गोली दोनाली बंदूक से चली। उधर, थाना ममदोट पुलिस ने धारा 174 की कार्रवाई कर मामला दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार विरसा सिंह दो साल पहले ही अकाली-भाजपा में शामिल हुआ था। इससे पहले वह गुरुहरसहाए के कांग्रेसी विधायक राणा गुरमीत सिंह सोढी का वर्कर था।
बताया जा रहा है कि मंगलवार शाम के वक्त विरसा सिंह घर पर अकेला था और उसकी कनपटी पर गोली लगने से मौत हो गई। जब उसकी पत्नी घर पहुंची तो वह मरा हुआ जमीन पर गिरा पड़ा था।
उधर, थाना ममदोट के एसएचओ जसपाल सिंह ने बताया कि विरसा सिंह के परिजनों के बयान पर धारा 174 की कार्रवाई की गई है।
जब एसएचओ जसपाल से पूछा गया कि चुनाव आचार संहिता के चलते सभी का असलहा थानों में जमा करवाया गया था तो विरसा की बंदूक जमा क्यों नहीं हुई। इस पर जसपाल सिंह ने कहा कि असलहा थाना लक्खोके बहराम के एसएचओ ने जमा करना था। इस संबंधी उन्हें जानकारी नहीं है।
जब थाना लक्खोके बहराम के एसएचओ गुरसेवक सिंह से पूछा गया कि विरसा का असलहा जमा क्यों नहीं हुआ था। इस पर गुरसेवक ने कहा कि कई बार उसके घर गए थे घर पर ताला लगा हुआ मिलता था। जब टेलीफोन पर बातचीत की तो विरसा ने कहा था कि उसने असलहा थाना ममदोट में जमा करवा दिया है। लोगों का कहना है कि पुलिस ने अपनी ड्यूटी सही से निभाई होती तो विरसा की जान बच सकती थी।