अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले में मोहाली और चंडीगढ़ की दो कंपनियों के नाम भी शामिल थे। सीबीआई ने साल 2013 में मोहाली स्थित आईडीएस इंफोटेक लिमिटेड और चंडीगढ़ आईटी पार्क स्थित एयरोमैट्रिक्स इंफो सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड में छापे मारे थे।
सीबीआई ने आईडीएस इंफोटेक लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रताप अग्रवाल व एयरोमैट्रिक्स इंफो साल्यूशन के सीईओ प्रवीन बख्शी को समन कर पूछताछ की थी। आरोप था कि आईडीएस इंफोटेक ने एयरोमैट्रिक्स इंफो साल्यूशन को अगस्ता वेस्टलैंड के सॉफ्टवेयर डिजाइन करने का कांट्रैक्ट दिलाया था। जांच एजेंसियों ने पाया था कि इस पूरे मामले में दलाली करने वाले दो इतालवी नागरिक कारलोस और ग्योडो ने साल 2007 से लेकर 2009 तक कई बार चंडीगढ़ का दौरा किया और आईडीएस के अधिकारियों से मुलाकात की थी।
उसके बाद जांच के घेरे में दोनों कंपनियां आ गई थीं। प्रताप अग्रवाल चंडीगढ़ सेक्टर दो के रहने वाले हैं। वे सीआईआई के एक्टिव मेंबर भी रह चुके हैं। एयरोमैट्रिक्स की स्थापना साल 2007 में की गई थी। उस दौरान प्रवीन बख्शी कंपनी के सीईओ थे। इससे पहले वे आईडीएस इंफोटेक में काम करते थे।