पंजाब ड्रग रैकेट मामले में आरोपी जगदीश भोला
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करोड़ों के ड्रग रैकेट में कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया का नाम उछालने वाले पूर्व डीएसपी जगदीश सिंह भोला समेत पांच लोगों को अदालत ने बरी कर दिया है। वहीं दो आरोपियों को 12 साल कैद की सजा सुनाई गई है। एडिशनल सेशन जज शाम लाल की अदालत ने वीरवार को जगदीश सिंह भोला समेत पांच लोगों को बरी किया है।
इसमें भोला के अलावा अकाली नेता मनजिंदर सिंह बिट्टू औलख, जगजीत सिंह चाहल, संदीप सिंह और धर्म सिंह शामिल हैं। इसके अलावा इस केस में अदालत ने अमृतसर के तरसेम सिंह और कपूरथला के दलबीर सिंह को 12 साल की सजा सुनाई है। भोला और उसके चार साथियों को शहर के चार नामी वकीलों दर्शन सिंह दयाल, संजीव बांसल, एसके कपूर और रमनदीप संधू ने बरी करवाया हैं। 27 सितंबर 2013 को थाना लांबड़ा की पुलिस ने एक किलो हेरोइन के मामले में जगदीश भोला और उसके छह साथियों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
देहात पुलिस ने सभी पर एनडीपीएस का केस दर्ज किया था और दावा किया था इन सभी के तार बड़े ड्रग डीलरों के साथ जुड़े हुए हैं। जगदीश सिंह भोला ने भी बिट्टू औलख और जगजीत सिंह चाहल के जरिये ड्रग रैकेट का संबंध मजीठिया से होना का आरोप लगाया था। इसके बाद से ही यह मुद्दा पंजाब में छा गया था। इस केस में ईडी की ओर से भी जगदीश सिंह भोला और मजीठिया से पूछताछ की गई थी।