दुराचार की साजिश रचने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंशु शुक्ला की अदालत ने शनिवार को कालोनी नं चार निवासी दीनानाथ को सबूतो के अभाव के चलते बरी कर दिया।
मामले में पीडि़ता ने दीनानाथ को पहचानने से इंकार कर दिया था, जबकि दुराचार करने वाला आरोपी नाबालिग का केस जुवनाइल कोर्ट में विचारधीन है।
कालोनी नं चार निवासी पीडि़ता ने 25 दिसम्बर 2013 को शिकायत दी थी कि वह नाबालिग पड़ोसी के घर बोरी मांगने गई थी। जब वह पड़ोसी के कमरे के अंदर गई थी तो दीनानाथ ने बाहर से कुंडी लगा दी थी। इस दौरान आरोपी नाबालिग ने उसके साथ दुराचार किया था। पीडि़ता की शिकायत मिलने के बाद इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस ने दीनानाथ और नाबालिग के खिलाफ दुराचार करना और साजिश रचने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।