रोहतक सदर थाने की हवालात में बंद छेड़छाड़ के एक आरोपी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। कथित छेड़छाड़ के बाद पीटे गए अमित नाम के इस युवक को पुलिस बुधवार रात 11 बजे घायल अवस्था में भालौठ गांव से उठाकर लाई थी। उस पर छेड़छाड़ का केस भी दर्ज किया गया था लेकिन मौत होने के बाद पुलिस उसे अज्ञात बताकर पीजीआई में छोड़ आई थी।
अमित की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार सुबह पीजीआई में पुलिस के खिलाफ हंगामा किया। अमित के पिता पूर्व फौजी ओमप्रकाश ने पुलिस को दी शिकायत में पुलिस हिरासत में बेटे की मौत होने का आरोप लगाया। मां कमला ने भी पुलिस पर बेटे की हत्या का आरोप मढ़ा।
बाद में दबाव बढ़ने पर मामले की जांच ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट मीनू को सौंपी गई है। शाम को परिवार वालों के तेवर ढीले पड़ने पर पुलिस ने ओमप्रकाश की ओर से छेड़छाड़ के आरोप लगाने वाले गांव के ही कुलदीप, उसकी पत्नी प्रियंका, कुलदीप के भाई अमित सहित एक अन्य पर हत्या का केस दर्ज किया है। तीनों नामजद आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है।
पुलिस के मुताबिक अमित अपने दोस्त के साथ रात को पार्टी अटेंड करने के बाद घर की तरफ जा रहा था। घर की तरफ जाने वाली गली में वह मुड़ा तो उसका हाथ अचानक बाइक पर पति के साथ जा रही महिला को लग गया। इस पर महिला के पति से अमित की कहासुनी हो गई।
अमित के परिजनों के अनुसार गांव में ही किराए पर रहने वाले महिला के पति ने किलोई गांव से अपने दोस्तों को बुलाकर अमित पर हमला कर दिया। अमित को लाठी-डंडों से पीटा गया। ग्रामीणों ने बीचबचाव कर अमित को छुड़ाया और फिर उसकी मां कमला उसे लेकर घर आ गई। कमला का कहना है कि रात करीब 11 बजे एक पीसीआर में बैठकर चार पुलिस वाले आए और अमित को घर से बाहर लाने के लिए कहा।
घर वालों ने उसकी तबीयत खराब बताई लेकिन पुलिस ने एक नहीं सुनी। मोहल्ले वालों के इकट्ठा होने पर पुलिस ने पड़ोसियों को आश्वासन दिया कि वे अमित का इलाज कराएंगे और पीसीआर में बैठाकर अस्पताल ले जाने की बजाय थाने ले आए।