अबोहर में दलित युवक भीम टांक की हत्या के मामले में उसके परिजनों ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की है। कहा है कि यदि पुलिस ने समय रहते अदालत में दोष पत्र दाखिल नहीं किया तो, आरोपी जमानत पर छूट जाएंगे।
एसआईटी पर राजनीतिक दबाव होने का आरोप लगाते हुए अर्जी में पुलिस को जल्द दोष पत्र दाखिल करने का निर्देश देने की मांग की गई है।
इस पर हाईकोर्ट के जस्टिस एमएमएस बेदी की एकल बेंच ने पुलिस और एसआईटी के सदस्यों को नोटिस जारी किया है। साथ ही आठ मार्च तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
अर्जी में कहा गया है कि मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद 90 दिन के भीतर दोष पत्र ट्रायल कोर्ट में दाखिल किया जाना जरूरी है। आरोपियों को गिरफ्तार करने के 90 दिन 14 मार्च को पूरे होने जा रहे हैं।
यदि पुलिस इस अवधि में दोष पत्र दाखिल करने में असफल रहती है तो आरोपी कानून का सहारा लेकर जमानत पा सकते हैं, लिहाजा मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को निर्देश दिया जाना चाहिए कि वह 90 दिनों के भीतर ट्रायल कोर्ट में दोष पत्र दाखिल करे।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम गठित की थी। जांच टीम में फिरोजपुर केडीआईजी अमरजीत सिंह चहल, एसएसपी इंद्रमोहन सिंह भट्टी, एसपी बठिंडा नानक सिंह और एसपी अबोहर हरजीत सिंह शामिल हैं।