चंडीगढ़ के गांव खुड्डा अलीशेर के मकान नंबर-128 के दरवाजे पर गुरूवार दोपहर एक युवक ने सल्फास निगल लिया। मकान का दरवाजा अंदर से बंद था। सल्फास निगलने के बाद उसे उल्टियां शुरू हो गईं। इसके बाद उसने मकान का दरवाजा खटखटाना शुरू कर दिया। आवाज सुनकर जब उसकी पत्नी ने दरवाजा खोला तो उसके होश उड़ गए। आनन-फानन में पत्नी उसे लेकर जीएमएसएच-16 लेकर पहुंची।
डॉक्टरों ने हालत गंभीर पाते हुए तुरंत इलाज शुरू कर दिया लेकिन उसने दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान मूलरूप से चमकौर साहिब के एक गांव के रहने वाले 32 वर्षीय कुलविंदर सिंह के रूप में हुई है। कुलविंदर की मौत से पहले सूचना पर सेक्टर-11 थाने से पुलिसकर्मी पूछताछ को अस्पताल पहुंचे लेकिन हालत गंभीर होने के चलते पूछताछ नहीं हो सकी।
कुलविंदर की पत्नी 37 वर्षीय रंजीत कौर ने पुलिस को बताया कि वह और उसका पति कुलविंदर सिंह खुड्डा अलीशेर के उक्त मकान में ही एक साथ रहते थे लेकिन कुछ दिन पहले कुलविंदर चमकौर साहिब में अपनी मां के पास रहने लगा था। रंजीत कौर ने बताया कि कुलविंदर सिंह से उसकी दूसरी शादी हुई थी और उसके दो बच्चे हैं। पुलिसकर्मियों को कुलविंदर सिंह के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ।
इसके चलते पुलिस ने रंजीत कौर से कुलविंदर सिंह के खुदकुशी के कारण जानने बाबत पूछताछ की। बताया गया कि वह शराब के सेवन का आदी था और कोई कामकाज नहीं करता था। दोनों उक्त पते पर काफी समय एकसाथ रहे लेकिन बीते कुछ दिन से कुलविंदर सिंह अपनी मां के पास जाकर रहने लगा था। बहरहाल, सेक्टर-11 थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है। लेकिन अब तक की जांच में कुलविंदर सिंह के खुदकुशी के कारणों का पता नही लग सका है और न ही यह पता लगा है कि वह बीते दिनों पत्नी से अलग किन कारणों से रहने लगा था।