बयाना लेकर प्लॉट की रजिस्ट्री न कराने से दुखी होकर एक दुकानदार ने जहर पीकर अपनी जान दे दी। मामले में कार्रवाई करते हुए थाना सदर पटियाला पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। लेकिन अभी उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। मामले के जांच अधिकारी एएसआई इंद्रजीत सिंह ने बताया कि परमजीत कौर निवासी गांव कौली ने थाना सदर पुलिस को बयान दिया कि उसके पति नरैन सिंह (35) लोहे की अलमारी व ट्रंक वगैरह बनाकर बेचने का काम करते हैं।
11 अक्टूबर 2018 को उसके पति ने आरोपी दलजीत सिंह निवासी गांव कौली से एक प्लॉट का सौदा किया था। बयाने के तौर पर नरैन सिंह ने आरोपी दलजीत सिंह को डेढ़ लाख रुपये दिए थे। प्लॉट की रजिस्ट्री की तारीख 30 दिसंबर 2018 तय हुई थी। जब तय तारीख नजदीक आई, तो आरोपी ने नरैन सिंह से एक लाख 20 हजार और लेकर एक नया इकरारनामा कर लिया।
जिसके मुताबिक अब प्लॉट की रजिस्ट्री की तारीख 20 अगस्त 2019 तय की गई। इसके बाद जब मृतक ने जमीन पर ईंटें गिराईं तो आरोपी ने उसे रोक दिया। इससे उसे आरोपी की मंशा का अहसास हो गया और तनाव में आकर दुकानदार ने कोई जहरीली दवा पी ली।
गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया। लेकिन वहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी दलजीत सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में केस दर्ज कर लिया है। लेकिन अभी उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।