बरनाला के गांव राजगढ़ के रहने वाले और धर्मशाला में तैनात 18 सिख रेजीमेंट के सिपाही जसबीर सिंह के रविवार देर रात करीब दो बजे अपने दो साथियों को गोली मारने के बाद खुद को भी गोली मार कर खुदकशी करने के बाद से सिपाही के पैतृक गांव में मातम छाया हुआ है। जसबीर के घर में माता-पिता रहते हैं। उनको इस बारे में पता नहीं है कि उनका छोटा बेटा दो लोगों की हत्या कर जान दे चुका है।
गांव के सरपंच कर्मवीर सिंह और मृतक के ताया सुरजीत सिंह ने बताया कि जसबीर के पिता निर्भय सिंह और माता गुरमीत कौर को इस घटना के बारे अभी तक बताया नहीं गया है। उनसे यही कहा गया है कि जसबीर का एक्सीडेंट हो गया है, वह ठीक है। निर्भय सिंह ने बताया कि जसबीर 2016 में सेना में भर्ती हुआ था और मार्च में 15 दिनों की छुट्टी काट कर गया था।
जाते समय कह कर गया था कि बापू जी, दिवाली ते छुट्टी आऊंगा, सारे मिलके दिवाली मनावांगे। निर्भय सिंह ने बताया कि 15 सितंबर को जसबीर का फोन आया था, थोड़ी देर बात हुई थी तब उसने कहा था कि सब कुछ ठीक है। 16 सितंबर की शाम को मैंने उसे कई बार फोन लगाया था, लेकिन उसका मोबाइल बंद आ रहा था। जसबीर सिंह का पोस्टमार्टम हो गया है और उसका बड़ा भाई 22 सिख रेजिमेंट का सिपाही जगदीप सिंह बारामूला से धर्मशाला रवाना हो गया है। मंगलवार को उसका शव गांव आएगा।
हरदीप का साथ देने पर गई नायक हरपाल की जान
नायक हरपाल सिंह
धर्मशाला की 18 सिख रेजीमेंट कैंट एरिया टीहरा लाइन में तैनात नायक हरपाल सिंह पुत्र तरसेम सिंह निवासी गांव ठूंडी दोरांगला को रविवार रात उनके साथी सिपाही जसबीर सिंह निवासी बरनाला ने मौत के घाट उतार दिया। आरोपी जसबीर ने हवलदार हरदीप सिंह निवासी तरनतारन को भी मार डाला और बाद में खुद को गोली मार ली। जानकारी के अनुसार जसबीर सिंह की हरदीप सिंह के साथ रंजिश थी और इनका झगड़ा चल रहा था।
हरपाल सिंह के साथ कोई रंजिश नही थी लेकिन हरपाल के हरदीप का पक्ष लेने के कारण जसबीर ने उन्हें भी गोली मार दी। हरपाल सिंह के परिवार में उनके पिता, माता, पत्नी और दो बेटे है। हरपाल के पिता तरसेम सिंह भी फौज से रिटायर हुए थे। हरपाल के बड़े भाई बिक्रमजीत सिंह का बीमारी के चलते चार साल पहले देहांत हो चुका है। उनके पिता तरसेम सिंह गांव में पुश्तैनी जमीन पर कृषि करते है। जबकि उनकी पत्नी रुपिंदर कौर भी घर में रहती है और उसके दो बेटे सहजप्रीत सिंह (10) और अवनीत सिंह (6) हैं।
बच्चे लिटिल फ्लावर स्कूल दीनानगर में पढ़ रहे हैं। मृतक की पत्नी रुपिंदर कौर ने बताया कि 23 दिन पहले हरपाल सिंह छुट्टी काट कर वापस गए थे। हरपाल सिंह की बुआ के लड़के सुखविंदर सिंह निवासी सुलतानी ने बताया कि हरपाल का पूरा परिवार शव लेने के लिए मैकलोडगंज गया है। गांव के हरदीप और निर्मल सिंह (निम्मा) ने बताया कि हरपाल सिंह बहुत अच्छा इंसान था तथा सभी से मेलजोल बना कर रखता था।
हवलदार हरदीप सिंह की मौत से गांव में शोक की लहर
हवलदार हरदीप सिंह
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला मिलिट्री स्टेशन में तैनात 18 सिख रेजिमेंट के सिपाही की तरफ से हवलदार एवं नायक को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। जैसे ही
हवलदार हरदीप सिंह वासी मरहाना हाल निवासी हरिके पत्तन जिला तरनतारन की मौत की खबर गांव पहुंची, गांव में मातम पसर गया। मृतक की माता कश्मीर कौर ने बताया कि 23 साल पहले हरदीप सिंह सिख रेजीमेंट में भर्ती हुआ था।
हरदीप के परिवार में पत्नी परमजीत कौर, 13 वर्षीय बेटी जसप्रीत कौर और आठ वर्षीय बेटा अनमोल दीप सिंह है। मृतक के परिजनों ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। हवलदार हरदीप सिंह का पार्थिव शरीर कल उनके पैतृक गांव लाया जाएगा।