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युवक की हत्या की थी, पुलिस साबित नहीं कर पाई

Thu, 20 Feb 2014 09:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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डड्डूमाजरा में युवक की हत्या के मामले में फंसे नौ युवकों पर अदालत में पुलिस हत्या की धारा साबित नहीं कर पाई। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रीति साहनी की अदालत ने कमजोर गवाही और सबूतों के अभाव के चलते युवकों को बरी कर दिया।
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बरी होने वालों में मलोया निवासी अर्जुन, भरत, गुरमीत, सोनू, कृष्ण, गौतम, मोंटी, तरणजीत और संजय शामिल हैं। जबकि, तीन अन्य नाबालिग आरोपियों पर केस जुवेनाइल कोर्ट में चल रहा है।

बचाव पक्ष के वकील गगन अग्रवाल ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने यह साबित नहीं कर पाया कि चाकू से किसने वार किए थे। अग्रवाल के मुताबिक, पुलिस को दिए शिकायकर्ता के बयानों में भी गड़बड़ी थी।
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गौरतलब है कि डड्डूमाजरा निवासी आलोक नाथ अपने दोस्त के साथ 14 मई 2012 की शाम को पार्क में खड़ा था। रंजिश के चलते एक दर्जन युवकों ने अलोक पर डंडों व तेजधार हथियारों से हमला कर उसे घायल कर दिया था। सिर में चोट लगने से डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।

हमले में मुख्य आरोपी की पहचान अर्जुन के रूप में हुई थी। जांच में पता चला था कि कुछ समय पहले अर्जुन का अलोक के साथ कंधा लग गया था। इसे लेकर दोनों के बीच गर्मागर्मी हो गई थी।

अलोक ने अर्जुन पर बोतल उठाकर मारने का प्रयास किया था। इसके बाद अर्जुन अपने दोस्तों के साथ मिल अलोक को ढूंढता हुआ घटनास्थल पर पहुंचा था।

सेक्टर-39 थाना पुलिस ने मलोया निवासी अर्जुन, भरत, गुरमीत, सोनू, कृष्ण, गौतम, मोंटी, तरणजीत और संजय समेत 12 पर हत्या, हत्या के प्रयास का मामला दर्जकर उन्हें गिरफ्तार किया था।
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