शहर में 21 दिन में छह नाबालिग गायब हो गए। इनमें 27 नवंबर से गायब पलसौराकी बेबी भी शामिल है।
गायब हुई नाबालिगों में सभी लड़कियां हैं जिनकी आयु 11 से 14 साल के बीच है। पुलिस अभी तक इन नाबालिगों का कोई सुराग नहीं लगा पाई है।
मौली जागरां से 16 नवंबर को गायब 14 साल की लक्ष्मी के मामले में पुलिस लुकआउट नोटिस भी जारी कर चुकी है। इनमें से पांच नाबालिग लड़कियां दक्षिणी सेक्टरों से गायब हुई हैं।
आईजी आरपी उपाध्याय का कहना है कि सभी गायब हुए नाबालिगों का सुराग लगाने का प्रयास किया जा रहा है। लगातार बढ़ती घटनाओं से पुलिस की सक्रियता पर सवाल उठने लगे हैं।
16 नवंबर : मनीमाजरा से बच्ची लक्ष्मी गायब
20 नवंबर: कॉलोनी नंबर 5 से शबानी के लापता होने का केस दर्ज
27 नवबंर: पलसौरा से 11 साल की बच्ची
2 दिसंबर : अटावा से बच्ची गायब
6 दिसंबर : रामदरबार से 17 वर्षीय युवती गायब
7 दिसंबर : सेक्टर-33 ए से बच्ची सानिया गायब
पुलिस कार्रवाई
किसी के गायब होने के बाद पुलिस रिपोर्ट दर्ज करती है। पुलिस को गायब होने वाले स्थान के अलावा आसपास सर्च करना होता है।
सुराग न मिलने पर पुलिस अपहरण का मामला दर्ज करती है। एक से दो दिन तक न मिलने पर पुलिस को शहर में जगह जगह इश्तहार लगाने पड़ते हैं।
अगर किसी पर शक होता है तो आरोपी और उसके परिवार के सदस्यों से पूछताछ होती है। दूसरे राज्यों की पुलिस को भी गायब होने की सूचना देनी पड़ती है।