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मोगा मुठभेड़ मामले में सामने आया चौंकाने वाला सच

Sat, 05 Jul 2014 08:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़/नई दिल्ली
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मोगा मुठभेड़ से विवादों में घिरी चंडीगढ़ पुलिस की क्राइम ब्रांच का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। अपराध शाखा के पांच कर्मियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने अपहरण कर दस लाख रुपये कि फिरोती मांगने का मामला दर्ज किया है।
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जिन पर मामला दर्ज किया गया है उनमें चंडीगढ़ की अपराध शाखा के एसआई अशोक, हेड कांस्टेबल बलजीत सिंह, कांस्टेबल अनिल, आजाद सिंह व पाली शामिल हैं। यह जानकारी दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट में दी।

क्या था मामला

राजौरी गार्डन निवासी दीपक खन्ना उर्फ तुषार खन्ना वाहन चोरी के मामलों में भगोड़ा घोषित है। उसकी पत्नी सोनिया ने याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि गत 30 अप्रैल को 10-12 लोग उसके घर आए थे और उसके पति को जबरन साथ ले गए।

उसके बाद उसे चंडीगढ़ पुलिस का फोन आया और पति को छोड़ने के बदले में दस लाख रुपये की मांग की। इसके बाद अदालत के निर्देश पर चंडीगढ़ पुलिस ने 15 मई को दीपक को पेश किया और बताया कि वह उनका मुखबिर है।

उसने एक मामले की जानकारी भी दी है। 30 अप्रैल को भी वह अपनी मर्जी से उनके साथ गया था। अदालत ने उसी दिन दीपक को रिहा करने के निर्देश दिए थे। वहीं, जब से दीपक को अदालत से छोड़ा गया वह गायब है।

भगोड़ा घोषित फिर भी गिरफ्तारी नहीं

दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को हाईकोर्ट में पेश रिपोर्ट में कहा कि चंडीगढ़ कोर्ट से भगोड़ा घोषित दीपक को गिरफ्तार न करने पर वहां की अपराध शाखा के अधिकारी ही जिम्मेदार हैं। यह गंभीर लापरवाही है और विभागीय कार्रवाई जरूरी है।

न्यायमूर्ति संजीव खन्ना व न्यायमूर्ति आरपी मित्तल की खंडपीठ दीपक की पत्नी सोनिया खन्ना की याचिका पर सुनवाई कर रही है। खंडपीठ ने क्षेत्रीय पुलिस उपायुक्त को स्वयं मामले की निगरानी में उचित कार्रवाई करके 25 अगस्त को रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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दीपक पर दिल्ली में 34 मामले

अदालत के निर्देश पर पुलिस ने पेश रिपोर्ट में कहा कि दीपक पर दिल्ली में भी 34 मामले दर्ज हैं और वह राजौरी गार्डन क्षेत्र का घोषित बदमाश है। दीपक को चंडीगढ़ पुलिस गैरकानूनी रूप से ले गई थी।

चंडीगढ़ की अपराध शाखा के एसआई अशोक, हेड कांस्टेबल बलजीत सिंह, कांस्टेबल अनिल, आजाद सिंह व पाली के खिलाफ 11 जून को अपहरण करके गैरकानूनी रूप से बंधक बनाने व उगाही का प्रयास का मामला दर्ज किया गया, जिसकी जांच की जा रही है।

यह मामला अदालत में विचाराधीन है मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।
-डीएसपी जगबीर, क्राइम ब्रांच
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