जेल के बाथरूम की टाइलों के बीच पॉलीथिन की दो पुड़ियों के बीच छुपाकर रखे 33 ग्राम नशीले पदार्थ को विशेष जांच टीम ने सर्च के दौरान पकड़ा है। इस बरामदगी के बारे में जब कमरे में बंद कैदियों से पूछा गया तो किसी ने भी इस पर अधिकार नहीं जताया। इस पर मॉडर्न जेल प्रशासन ने 12 कैदियों पर थाना कोतवाली में एनडीपीएस एक्ट का केस दर्ज करवाया है।
एआईजी-कम-एसपी माडर्न जेल कपूरथला सुरिंदर पाल खन्ना ने बताया कि उन्हें पिछले कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि जेल की बैरकों में बंद कैदी लुक-छिप कर नशे का सेवन कर रहे हैं। इस पर उन्होंने डिप्टी सुपरिंटेंडेंट जेल नवइंद्र सिंह, सहायक सुपरिंटेंडेंट देश सिंह और हवलदार बलबीर सिंह समेत आधारित एक विशेष टीम को सर्च के आदेश दिए। सोमवार सुबह छह बजकर 10 मिनट पर टीम ने सर्च आपरेशन शुरू किया।
जेल की बैरक नं. आठ के कमरा नंबर 12 में बंद कैदियों व हवालातियों के बिस्तरों और सामान की गहनता से चेकिंग गई। जब टीम ने जांच पूरी कर ली तो अचानक उन्हें कमरे में बने बाथरूम की टाइलों के बीच कुछ फंसा दिखा। टीम ने जब उस चीज को निकाला तो वहां से दो पॉलीथिन की पुड़ियों में करीब 33 ग्राम नशीला पदार्थ बरामद हुआ। इसके बाद टीम ने कमरे में बंद कैदियों और हवालातियों से इस बारे में पूछा तो किसी ने कोई जवाब नहीं दिया।
इस पर बैरक के इंचार्ज-कम-सहायक सुपरिंटेंडेंट सतपाल सिंह की शिकायत पर कमरे में बंद कैदी हीरा सिंह, कैदी राठौर विष्णु दास, अनिल गिल, गुरदेव सिंह, सोहन लाल, हवालाती जगरूप सिंह उर्फ भैरो, गोपी, रछपाल सिंह उर्फ दोला, रवि कुमार, करण कुमार, गुरशरणप्रीत सिंह और संदीप कुमार उर्फ हैप्पी पर थाना कोतवाली में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।
इन कैदियों को बैरक से बाहर निकालकर जेल में बने विशेष सिक्योरिटी जोन सेल में रखा गया है। जहां पर इनकी हर हरकत पर नजर रखी जा रही है। जेल में बरती जा रही सख्ती के चलते नशे और मोबाइल की लगातार बरामदगी हो रही है। जेल प्रशासन की ओर से भी लगातार अचानक सर्च आपरेशन चलाए जा रहे हैं।
सुरिंदर पाल खन्ना, एआईजी जेल