सीआइए ने ट्राइसिटी में ड्रग्स की तस्करी पर शिकंजा कसते हुए शुक्रवार को तीन नाइजीरियन को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले भी ड्रग्स की बिक्री, खरीदारों से संपर्क साधने और तस्करी के मामले को लेकर पुलिस ने चार आरोपियों की गिरफ्तारी की है। पुलिस जांच के दौरान दिल्ली से नशा बेचने का काम करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी की है।
आरोपियों के तार अफगानिस्तान से भी जुड़े हैं, जिसकी पुलिस छानबीन करने में जुटी है। पुलिस ने सेक्टर पांच के एक निजी होटल से एक वेस्ट अफ्रीकन को गिरफ्तार किया था। गत दिनों पुलिस ने इस मामले में युवती को भी गिरफ्तार किया था। इसके बाद छापामारी के दौरान पुलिस ने दो नाइजीरियन माइक एलेक्स एवं ओसांगा को गिरफ्तार कर लिया था।
यह दोनों ड्रग्स सरगना और अन्य आपूर्तिकर्ताओं के बीच बिचौलिये का काम करते थे। पुलिस के पास सिएरा लियोन निवासी सिसई मलिक और अमनदीप रिमांड पर हैं। इनसे हुई पूछताछ में खुलासा हुआ कि कुछ और नाइजीरियन नशीले पदार्थों की तस्करी में लगे हैं। आरोपियों से पुलिस हीरोइन, स्मैक एवं अन्य नशीले पदार्थ बरामद कर चुकी है।
ड्रग रैकेट में शामिल हो सकते हैं और विदेशी
सिएरा लिओन निवासी सिसई मलिक (इबर इगानू) न केवल नाम बदलकर होटलों में रहता था, बल्कि ट्राइसिटी के होटलों से करीब छह महीने से ड्रग्स तस्करी कर रहा था।
पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह के सरगना सहित सात-आठ नाइजीरियन इस ड्रग रैकेट में शामिल हो सकते हैं। इनके आसपास के शहरों में छिपे होने की आशंका है। पुलिस ड्रग्स की खरीदारी करने वालों का भी सुराग हासिल करने में जुटी है।
ड्रग तस्करी में शामिल सिसई मलिक को पुलिस ने सेक्टर-पांच के एक होटल से गिरफ्तार किया था। होटल का कमरा खुलवाने पर उसने पुलिस पर हमला बोल दिया था।
इसके बाद पुलिस ने इस मामले में एक महिला और फिर दो नाइजीरियन को गिरफ्तार किया था। पुलिस अभी तक इस गिरोह के सरगना की गिरफ्तारी में सफल नहीं हो सकी है।
विदेशियों पर नहीं थी किसी की नजर
हैरानी की बात यह है कि टूरिस्ट वीजा पर पिछले कुछ महीने से भारत में रह रहे इन विदेशियों पर किसी की नजर नहीं थी। पुलिस ने हाल ही सभी होटल मालिकों को निर्देश दिए हैं कि संदिग्ध व्यक्ति की आशंका पर उन्हें सूचित किया जाए।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली में रहते हुए आरोपी नशे का कारोबार कर रहे थे, लेकिन नशे की बिक्री वे स्कूल या कॉलेजों के बाहर नहीं, बल्कि होटलों से ही कर रहे थे।
नशे की लत लगी, फिर तस्करों से संपर्क
पुलिस के मुताबिक, ड्रग्स के कारोबार में शामिल होने से पहले सेक्टर-14 निवासी महिला ने मानेसर से आईटीआई की पढ़ाई की थी। इसके बाद उसने एक फाइनेंस कंपनी में भी नौकरी की, जहां उसकी जान-पहचान एक युवती से हुई।
यहां नशे की लत लगने के बाद दोस्तों के माध्यम से ड्रग तस्करों से उसका संपर्क हुआ। इसके बाद दिल्ली आना-जाना होने लगा और पंचकूला में भी ड्रग्स का कारोबार बढ़ने लगा।