मोहित शाम को ट्यूशन के लिए निकला था। जब वह रात 9 बजे तक घर नहीं लौटा तो उसकी मां रजनी ने उसे कॉल की। पहले तीन बार उसने कॉल नहीं उठाई। मां रजनी ने बताया कि चौथी बार जब मोहित ने फोन उठाया तो वह बहुत घबराया हुआ था। मोहित ने कहा कि वह पांच मिनट में घर आ जाएगा लेकिन रात को 10 बजे तक वह घर नहीं पहुंचा। इसके बाद परिजनों ने उसके दोस्त अजय को कॉल की।
अजय ने भी उसे तीन बार कॉल की चौथी बार कॉल करने पर मोहित ने अजय को कहा कि उसका सब कुछ खत्म हो गया है। वह बर्बाद हो गया है। अब उसकी जिंदगी में कुछ नहीं बचा, वह फोन पर रो रहा था। मोहित ने अजय को बताया कि वह यमुना नदी पर है। इसके बाद उसने कॉल काट दी।
रविवार सुबह साढ़े 10 बजे असंध नाका पुलिस ने मोहित के पिता राकेश को कॉल कर बताया कि उनके बेटे की बाइक, मोबाइल और बैग दिल्ली समानंतर नहर के किनारे शनि मंदिर के पास पड़ा है। परिजन इस सूचना पर नहर पर पहुंचे। उन्होंने सामान की पहचान की। मोहित के पिता ने पुलिस से संदेह जताया है कि बेटे के इस कदम की वजह किसी से प्रेम हो सकता है, हालांकि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अब तक मोहित के बारे में सुराग नहीं लगा है। उसकी बाइक, बैग व मोबाइल मिला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जैसी परिजनों की ओर से शिकायत मिलेगी, उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। - अतर सिंह, प्रभारी असंध नाका चौकी पुलिस।