हरमिंदर सिंह और उसके पार्टनर सुभाष भट्ट ने उसे छह से सात लाख रुपये हर महीने एक मेगावाट बिजली बेचने और मुनाफे वाले प्रोजेक्ट के बारे में बताया। इसके बाद पीड़ित आरोपियों की बातों में आ गया और उनके साथ दो प्रोजेक्ट देखने के लिए चला गया। लेकिन आरोपियों की ओर से दिखाए प्रोजेक्ट पसंद नहीं आए।
उसके बाद आरोपियों ने 12 मेगावाट का बिजली प्रोजेक्ट दिखाने की बात कही। इस प्रोजेक्ट के कागजात और मौका दिखाने से पहले आरोपियों ने उसे विश्वास में लेकर 21 लाख रुपये ले लिए थे। पैसे लेने के वक्त आरोपियों ने कहा कि ये पैसे बतौर सिक्योरिटी हैं। अगर सौदा सिरे न चढ़ा तो वह पैसे वापस दिला देंगे।
पैसे देने के कुछ समय बाद प्रेम सिंह सोखी के बेटे की शादी थी तो वह वहां व्यस्त हो गया।
वहां से फ्री होने के बाद दूसरा बेटा हादसे में घायल हो गया। जिस कारण वह ज्यादा व्यस्त हो गया। बेटा अब भी चलने लायक नहीं है। इन्हीं हालातों का फायदा उठाते हुए आरोपियों ने उसके दिए पैसे देने से इंकार कर दिया। आरोपियों ने उसे कोई प्रोजेक्ट भी नहीं दिलाया। पीड़ित प्रेम ने इसकी शिकायत पुलिस को दी।
ईओ विंग की ओर से मामले की जांच के बाद रिपोर्ट अधिकारियों को दी गई तो दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए। जांच अधिकारी का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी गई है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।