बेटी की उम्र की मंदबुद्धि नाबालिग लड़की के साथ दुराचार करने वाले एक अधेड़ व्यक्ति सहित नलवा गांव के तीन लोगों को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 20-20 साल की सजा सुनाई है।
तीनों व्यक्ति 52 वर्षीय निवासी धर्मपाल, 43 वर्षीय ईश्वर और 38 वर्षीय रूलीराम है। तीनों को कोर्ट ने 20-20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर उन्हें दो-दो साल अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
कोर्ट में चले अभियोग के अनुसार 3 फरवरी 2014 को नलवा के पड़ोसी गांव की एक युवती के परिजनों ने शिकायत दर्ज करवाई थी। परिजनों ने बताया कि उनकी बेटी को पागलपन के दौरे आते थे। जब उसे दौरे आते तो वह घर से निकल जाती थी। घटना वाले दिन नाबालिग को सुबह दौरे आए और वह अचानक घर से निकल गई।
घर से निकलकर वह नलवा गांव के आसपास पहुंच गई। आरोप था कि ईश्वर नाम का व्यक्ति वहां से उसे बाइक पर बैठाकर खेतों में ले गया। वहां पहुंचकर उसने उसके साथ दुराचार किया। इसके बाद उसने धर्मपाल और रूलीराम को फोन कर दिया। बारी-बारी कर उन्होंने भी उसके साथ दुराचार किया।
पीड़िता का चचेरा भाई ढूंढता हुआ उसे देर शाम खेतों में पहुंचा। उस लड़की को उन्होंने एक कमरे में रखा हुआ था। वहां से उसे वह घर लेकर आया और पुलिस में शिकायत दी। पुलिस ने तीनों अभियुक्तों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
कोर्ट ने इस मामले में तीनों को दोषी मानते हुए ईश्वर को 20 साल की कैद व तीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना न भरने पर उसे तीन साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
इसी तरह धर्मपाल और रूलीराम को भी 20-20 साल की सजा सुनाई। इसके अलावा उन पर भी 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न भरने पर उन्हें भी अतिरिक्त सजा काटनी होगी।