ढाई साल की बच्ची से दुराचार करने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंशु शुक्ला की अदालत ने शनिवार को सेक्टर 52 के संदीप कुमार को दुराचार और पॉस्को एक्ट की धाराओं के तहत बीस साल की सजा सुनाई है। दोषी संदीप पर अदालत ने एक लाख रुपये जुर्माना भी किया।
अदालत ने आदेश दिया है कि आरोपी द्वारा जुर्माना जमा करवाने पर पीड़ित के परिवार को एक लाख रुपये मुआवजा दिया जाए।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी ने एक नन्ही बच्ची का आत्म सम्मान हमेशा के लिए नष्ट कर दिया। महिलाओं के प्रति इस प्रकार के अपराध समाज में तेजी से बढ़ रहे हैं।
दुष्कर्म जैसा अपराध केवल पीड़ित के प्रति ही नहीं बल्कि समाज के खिलाफ है। अदालत इस प्रकार के केसों को हल्के में नहीं ले सकती। इस प्रकार के यौन शौषण से जुड़े अपराधों पर रोक लगाने के लिए अपराधियों से सख्ती व मजबूती से निपटना पड़ेगा।
आरोपी द्वारा किया गया यह कृत्य अति निंदनीय है। इस अपराध की प्रवृत्ति, प्रभाव व गंभीरता ऐसी है कि आरोपी पर दया नहीं दिखाई जा सकती।
ढ़ाई वर्षीय बच्ची से इस प्रकार की दुष्कर्म की घटना को अंजाम देना प्रदर्शित करता है कि आरोपी की कामुक इच्छा के चलते वह इतना गिर गया और उसे जानवरों की दुनिया में लाकर धकेल दिया जहां उसमें कोई मानवीय प्रवृत्ति नहीं रही।