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जानकारी न देने पर निगम को 10 हजार का जुर्माना

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आरटीआई पर जानकारी न देना पड़ा महंगा, 10 हजार जुर्माना लगा
स्टेट इंफ्रामेंशन कमिश्नर ने नगर निगम के बिल्डिंग इंस्पेक्टर पर की कार्रवाई
ईओ को कारण बताओ नोटिस जारी कर मांगी गई जानकारी देने के आदेश दिए
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। आरटीआई के तहत मांगीं गई जानकारी का जवाब न देने पर स्टेट इंफ्रामेंशन कमिश्नर ने नगर निगम के बिल्डिंग इंस्पेक्टर को 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसी के साथ कमिश्नर ने निगम के ईओ जरनैल सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ मांगी गई जानकारी तत्काल प्रभाव से देने का आदेश दिए हैं। सिटी वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान एसके नैयर ने बताया कि उन्होंने शहर और गांवों के बीच लगे मोबाइल समेत अन्य टावरों से संबंधित जानकारी नगर निगम से मांगी थी। उन्होंने आरटीआई के तहत जानकारी मांगी थी कि क्या टावर को लगाने के लिए परमिशन ली गई है। यदि परमिशन दी गई है तो कितने दिनों के लिए और इसके एवज में कितना चार्ज वसूला गया है। शहर में कितने टावर बिना परमिशन के लगे हैं। ऐसे टावरों को लगाने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि 20 दिसंबर 2017 को ये जानकारी मांगी थी, लेकिन निगम अधिकारी जानकारी देने के बजाय टालमटोल करते रहें। जानकारी न देने पर 30 अक्तूबर को स्टेट इंफ्रामेंशन कमिश्नर ने नगर निगम के बिल्डिंग इंस्पेक्टर दर्शन लाल को 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है और ईओ जरनैल सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसी के साथ जानकारी देने का आदेश भी दिया है। इससे पहले भी जानकारी न देने पर निगम को 25 हजार रुपये का जुर्माना लग चुका है।
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