सीएम के ओएसडी ने सुनी पीड़िता से आपबीती
- मुख्यमंत्री आवास पहुंची भिवानी दुष्कर्म पीड़िता, एडीजीपी ऑपरेशन ने दिया न्याय का आश्वासन
- पीड़िता ने एडीजीपी को बताया कि केस के आईओ जगत सिंह मौर्य मामले में नहीं दिखा रहे गंभीरता
- भिवानी में कुछ दिन पूर्व सुसाइड कर चुकी दुष्कर्म पीड़िता का केस भी आईओ जगत सिंह मौर्य के पास था
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। न्याय के लिए दर-दर ठोकरें खा रही भिवानी की नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता परिजनों के साथ बुधवार को प्रदेश के सीएम मनोहर लाल के आवास चंडीगढ़ पहुंची। यहां मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेश्वर दयाल ने पीड़िता से आपबीती सुनी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। करीब 20 मिनट की मुलाकात में पीड़िता ने कहा कि यदि उसे न्याय न मिला तो वह परिजनों के साथ दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठेगी।
गौरतलब है कि दुष्कर्म पीड़िता पिछले एक माह से कभी पुलिस थाने तो कभी एसपी और डीएसपी ऑफिस के चक्कर काट रही है, लेकिन उसकी फरियाद सुनने वाला कोई नहीं है। पीड़िता के परिजनों ने बताया कि जब उन्हें भिवानी के किसी पुलिस अधिकारी की ओर से न्याय नहीं मिला तो वह मंगलवार को फरियाद की दरकार के साथ पंचकूला डीजीपी मुख्यालय पहुंचे। लेकिन यहां भी उनके हाथ निराशा के सिवाय कुछ नहीं लगा।
परिजनों ने बताया कि मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेश्वर दयाल से मुलाकात के बाद वह एडीजीपी ऑपरेशन एएस चावला से मिले। उन्होंने बताया कि भिवानी के डीएसपी वीरेंद्र सिंह और जगतार सिंह डिस्ट्रिक रेवेन्यू ऑफिसर राजिंदर सिंह के दबाव में काम कर रहे हैं। यही कारण है कि वह आरोपियों को गिरफ्तार करने के बजाय उलटा उसे ही अंदर करने की धमकी दे रहे हैं। पीड़िता ने एडीजीपी को बताया कि केस के आईओ जगत सिंह मौर्य मामले को हल्के में ले रहे हैं। पीड़िता की बात सुनने के बाद एडीजीपी ने उसे पूर्ण विश्वास दिलाया कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
न्याय की दरकार में एक दुष्कर्म पीड़िता कर चुकी है सुसाइड
नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता ने बताया कि इससे पहले भी भिवानी में एक युवती के साथ इस तरह की घिनौनी वारदात हो चुकी है। उस केस में भी आईओ यही अधिकारी था। उसे भी न्याय के लिए काफी परेशान किया गया, लेकिन जब सुनवाई नहीं हुई तो उसने सुसाइड कर लिया था। मृतका के पास से पुलिस को सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें उसने आईओ पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया था।