न्याय के लिए भिवानी से पंचकूला पहुंची दुष्कर्म पीड़िता
- डीजीपी से मिलने पहुुंचा था पीड़ित परिवार, नहीं मिले साहब
- एसपी हेडक्वार्टर को ज्ञापन सौंप नाबालिग ने लगाई न्याय की गुहार
- परिजन बोले - न्याय न मिला तो जंतर-मंतर पर करेंगे प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। एक तरफ तो डीजीपी पुलिस अधिकारियों को महिला उत्पीड़न मामले गंभीरता से लेने के आदेश दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता न्याय के लिए दर-दर ठोकरें खा रही है। भिवानी के एक गांव की निवासी दुष्कर्म पीड़िता की जब वहां के थाना प्रभारी और एसपी से मिलकर भी न्याय नहीं मिला तो वह मंगलवार को परिजनों और रिश्तेदार के साथ पंचकूला डीजीपी मुख्यालय पहुंच गई। पहले तो पूरे स्थानीय अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि वह डीजीपी से मुलाकात करवाने के साथ ही उन्हें हर हाल में न्याय दिलाएंगे। मुलाकात के लिए गेट पास से लेकर सारे प्रोसेस को पूरा करवाया गया। लेकिन अंत में ये कहकर वापस लौटा दिया गया कि साहब व्यस्त हैं, मुलाकात नहीं हो पाएगी। इस पर परिजनों ने एसपी हेडक्वार्टर मनीषा चौधरी को ज्ञापन सौंप न्याय की गुहार लगाई। जिसके बाद एसपी हेडक्वार्टर ने पीड़ित परिजनों को न्याय का आश्वासन दिया है।
परिजनों ने बताया कि वाक्या आठ जून 2018 का है। पीड़ित की मां पड़ोस के घर में घी लेने गई थी। आरोपी मौका पाकर घर में घुस गए और नाबालिग युवती से दुष्कर्म किया। इसके बाद नाबालिग जब किसी तरह उनके चंगुल से छूटी तो उसने शोर मचा दिया इससे उसकी मां भाग कर घर पहुंची। मां बच्ची को बचाने के लिए उसके ऊपर लेट गई। इस पर चारों आरोपियों ने मां के साथ भी बदसलूकी की। लेकिन मां ने समाज में बदनामी के डर से पुलिस से शिकायत नहीं की, जिससे आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए। आरोप है कि तीन जून 2018 को नाली की साफ-सफाई को लेकर भी आरोपियों ने पीड़िता की मां के साथ बदसलूकी की थी।
पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि पीड़िता को साथ लेकर मां पुलिस थाने पहुंची, जहां से उन्हें दुत्कार कर भगा दिया गया। इसके बाद समाज के मौजिज लोगों के साथ फिर थाने गईं। तब जाकर पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया। लेकिन उन्हें आज तक गिरफ्तार नहीं किया गया। आरोपियों की गिरफ्तारी और न्याय की मांग को लेकर वह एसपी के समक्ष भी पेश हुईं। एसपी ने मामले की जांच डीएसपी को सौंपी। वह मौके पर पहुंचे, लेकिन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उलटा पीड़िता और उसकी मां पर केस दर्ज करने की धमकी देने लगे। परिजनों का आरोप है कि जब उन्हें भिवानी में न्याय नहीं मिला तो उन्होंने डीजीपी के समक्ष पेश होने का फैसला किया। परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस ने 24 घंटे के अंदर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया तो वह दिल्ली जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे।