गैंगरेप मामले में स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी की मंत्री को शिकायत
इलाज की बजाय पीड़ित को अस्पताल से भेजने वालों पर हो कार्रवाई: एडवोकेट जग्गा
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। रेप पीड़ितों के इलाज के प्रावधानों को लागू न करने को लेकर एडवोकेट अजय जग्गा ने इस मामले की केन्द्रीय कानून मंत्री, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री के अलावा हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री को भी पत्र लिखकर इस मामले की जांच की भी मांग की गई है। एडवोकेट जग्गा ने अपने पत्र में सीआरपीसी 357-सी (अपराध संहिता संशोधन-2013) को सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में लागू करने की मांग की है ताकि पीड़ितों को समय पर इलाज मिल सके।
अजय जग्गा ने मोरनी गैंगरेप मामले का हवाला देते हुए अपने पत्र में कहा है कि किसी भी निजी या सरकारी अस्पताल में रेप की शिकार हुई महिलाओं या युवती को चिकित्सक मुहैया कर, मामले की सूचना संबंधित पुलिस को देने का प्रावधान है। लेकिन, सेक्टर-छह स्थित सिविल अस्पताल में पीड़िता का इलाज मुहैया करवाने की बजाय उसे मनीमाजरा के लिए भेजा गया। एडवोकेट जग्गा ने कहा कि इस मामले में पंचकूला पुलिस ने तो लापरवाही को लेकर कार्रवाई की है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों व अधिकारियों की तरफ से गंभीर लापरवाही के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।