विक्की कैमी मर्डर
आरोपियों की गिरफ्तारी तक शव का नहीं करेंगे अंतिम संस्कार
- ग्रामीणों और परिजनों ने साधा सरकार और पुलिस पर निशाना
- लगाया जाम, डीसीपी के आश्वासन के बाद खोला
- नहीं हुई गिरफ्तारी तो रविवार को हाइवे करेंगे ठप
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। दो गुटों की आपसी रंजिश में वीरवार शाम कालका के पपलोहा गांव में युवक को गोलियों से भून देेने के मामले में राजनीति गरमाने लगी है। फायरिंग में मारे गए विक्रम उर्फ विक्की कैमी के शव का शुक्रवार को पोस्टमार्टम हो गया, लेकिन परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी तक शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। उन्होंने पुलिस और स्थानीय भाजपा विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और गांधी चौक पर जाम लगा दिया। काफी मशक्कत के बाद डीसीपी ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए शनिवार शाम तक का वक्त मांगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो रविवार को नेशनल हाइवे पर जाम लगाएंगे।
घटना के बाद से ग्रामीणों और परिजनों में काफी रोष है। शुक्रवार सुबह से ही कालका सीएचसी के बाहर पोस्टमार्टम के दौरान सैकड़ों की संख्या में लोगों की भीड़ इकट्ठी थी और हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस तैनात की गई थी। दोनों गुटों के बीच पहले से ही आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ग्रामीणों और नेताओं ने कालका के गांधी चौक पर जाम लगा दिया और मार्केट की दुकानें बंद करा दीं। उधर, करीब डेढ़ घंटे तक मृतक के शव का पोस्टमार्टम चला, उसके बाद ग्रामीण अड़ गए हैं कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही अंतिम संस्कार करेंगे। वीरवार शाम करीब पांच बजे गांव पपलोहा में करीब 50 से 70 राउंड गोलियां चली थीं, जिसमें विक्की की मौत हो गई। गोलीबारी में घायल तीन अन्य युवकों का पीजीआई में इलाज चल रहा है।
कार्रवाई न करने का पुलिस पर आरोप
शिकायतकर्ता पिंकी ने बताया कि पहले भी आरोपियों की तरफ से उनके दोस्तों के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया था। एक बार अमरावती चौकी में झूठी शिकायत दर्ज करवाई गई तो दूसरी बार गांव चिकन में भी घर में घुसकर आरोपियों ने मारपीट की थी। लेकिन, इस मामले की पुलिस को शिकायत देने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आला पुलिस अधिकारियों पर भी मामले में कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।
गोलियों से शरीर कर दिया छलनी
डॉ. अमनदीप, डॉ. चैरी व डॉ. ज्योति के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। इस दौरान शरीर में छह गोलियां लगने के सुबूत मिले। दो गोलियां हार्ट के आसपास मारी गईं, जबकि एक गोली सिर के पिछले हिस्से में लगी थी। इससे विक्रम का सिर पूरी तरह खुल गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। उसके शरीर के निचले हिस्से में भी दो गोलियां लगी थीं, जबकि कई जगह पर छर्रे के निशान थे। पोस्टमार्टम के दौरान मॉर्चरी के बाहर तनाव की स्थिति बनी रही, जिससे निपटने के लिए पुलिस कर्मी लगातार मुस्तैद रहे।
छावनी में तबदील रेलवे रोड
तनाव की स्थिति को देखते हुए कालका रेलवे रोड को सीएचसी के पास पूरी तरह से छावनी में तबदील कर दिया गया था। पंचकूला से भी पुलिस की एक टुकड़ी को हालात को काबू करने के लिए वहां लगाया गया।
इलाके को किया जा रहा बर्बाद: चंद्रमोहन
इनेलो के जिलाध्यक्ष प्रदीप चौधरी ने कालका अस्पताल पहुंचकर मृतक के परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में गुंडागर्दी फैल गई है। उन्होंने एसीपी आदर्शदीप सिंह से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। उधर, कालका सीएचसी पहुंची प्रदेश कांग्रेस महासचिव मनवीर कौर गिल ने वहां मौजूद भाजपा नेताओं पर भड़क गईं। उन्होंने भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया। चार बार कालका से विधायक रहे पूर्व उप मुख्यमंत्री चंद्रमोहन ने मृतक की मां से बात कर इस घटना पर दुख व्यक्त किया। चंद्रमोहन ने शिकायतकर्ता योगराज माजरा से पूरे वारदात की जानकारी हासिल की। चंद्रमोहन ने कहा कि कालका क्षेत्र पहले सबसे शांत इलाका हुआ करता था, लेकिन अब नशा, भूमाफिया के कारण इलाके को बर्बाद किया जा रहा है। इस दौरान समाजसेवी गुरमीत मित्ता, बलवान ठाकुर, भाजपा नेता सुच्चा राम माजरा, पूर्व पार्षद शंटी समेत इलाके के कई गणमान्य लोग मौजूद थे।