फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हनीप्रीत का करीबी परमजीत उर्फ काला सिरसा से गिरफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन
हनीप्रीत का करीबी परमजीत उर्फ काला सिरसा से गिरफ्तार
विज्ञापन


- हिंसा के नौ महीने बाद एसआईटी ने किया काबू
- हिंसा के दौरान भी आरोपी था पंचकूला में मौजूद

अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। हनीप्रीत के बेहद नजदीकी और पंचकूला में 25 अगस्त, 2017 को हुई हिंसा के दौरान मौजूद आरोपी परमजीत उर्फ परम उर्फ काला को एसआईटी ने सिरसा से गिरफ्तार कर लिया है। मूल रूप से बठिंडा निवासी परमजीत पुत्र बलदेव सिंह फिलहाल सिरसा के मंगाली गांव का निवासी है। हनीप्रीत का बेहद करीबी माना जाने वाला परमजीत न केवल हिंसा के दिन पंचकूला में मौजूद था, बल्कि हिंसा भड़काने में भी उसकी अहम भूमिका रही थी। आरोपी के खिलाफ 27 अगस्त को सेक्टर-पांच थाने में मामला दर्ज किया गया। एफआईआर नंबर-345 में हनीप्रीत समेत 30 से अधिक आरोपियों के खिलाफ देशद्रोह, साजिश सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज है। हिंसा मामले में अब तक फरार चल रहे आदित्य इंसां सहित अन्य आरोपियों की भी तलाश जारी है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
25 अगस्त को पंचकूला में हुई हिंसा से पहले सिरसा में हिंसा की रची गई साजिश में भी परमजीत शामिल था। डेरा प्रमुख की राजदार हनीप्रीत का नजदीकी होने के साथ-साथ परमजीत डेरा सच्चा सौदा का भी अहम सदस्य था।
विज्ञापन
विज्ञापन

एसीपी आदर्शदीप सिंह के नेतृत्व में काम रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम को इस आरोपी की लंबे समय से तलाश थी। आरोपी को डेरा सच्चा सौदा सिरसा के पास से गिरफ्तार कर, अदालत में पेश किया गया। अदालत से उसे एक दिन के रिमांड पर लिया गया है। हनीप्रीत के बेहद नजदीक होने की वजह से परमजीत को हिंसा मामले से जुड़े तमाम आरोपियों और डेरा की अहम गतिविधियों के बारे में जानकारी थी। परमजीत से पूछताछ में फरार चल रहे आरोपियों के बारे में भी सुराग हासिल किया जाएगा, जिनकी अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। सूत्रों के मुताबिक हिंसा मामले में फरार चल रहे आदित्य इंसां समेत अभी भी फरार चल रहे आठ-नौ आरोपियों का सुराग मिलेगा। हिंसा के दौरान जिन लोगों के संपर्क में परमजीत था, उनसे क्या रिश्ता था और इस साजिश में और कौन लोग शामिल थे, इसका भी पूछताछ में खुलासा होगा। परमजीत के खिलाफ आईपीसी की धारा 145, 146, 150, 151, 152, 153, 121, 121ए, 120बी, 216 और 201 के तहत मामला दर्ज है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें