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भगवान की हैल्प मान कर साइबर क्राइम की शिकार हुई महिला,गंवाए साढे 22 हजार

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भगवान की हेल्प मानकर साइबर क्राइम की शिकार हुई महिला, गंवाए साढे़ 22 हजार
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- इनाम पार्सल में दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचने और विनिंग क्लीयरेंस चार्ज दिल्ली कस्टम डिपार्टमेंट को देने दिया झांसा
- पीड़ित महिला ने ज्वैलरी गिरवी रखकर और कुछ पैसे उधार लेकर ठग के बताए खाते में कराए जमा

अमर उजाला ब्यूरो
पिंजौर।
फर्जी मेल और कॉल के झांसे में आकर ठगी का शिकार हुई एक महिला साढ़े 22 हजार रुपये गंवा बैठी। मामले का खुलासा तब हुआ जब उक्त महिला ने शक के आधार पर एसबीआई की ब्रांच में फोन कर आरोपियों के खाते में पैसे जमा कराने को लेकर जानकारी ली। बीसीडब्ल्यू निवासी नीतू की शिकायत पर पिंजौर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 406, 420 के तहत मामला दर्ज कर आगेेेे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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पुलिस को दी शिकायत में महिला ने बताया कि उसकी मेल आईडी पर 6 विनिंग का एसएमएस आया जिसे भगवान की हेल्प मानकर सच मानते हुए एसएमएस के अनुसार आरोपी की मेल पर अपना पता, अकाउंट नंबर, आधार कार्ड आदि जानकारियां मेल कर दीं। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके बाद उसकी मेल पर जानकारी आई कि उसका विनिंग कनसाइनमेंट आरोपियों ने दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचा दिया है जहां से बिशप जैफ यूके नाम का व्यक्ति जो कि सैमसंग अवार्ड रिप्रैजनटेटिव है वह आपका इनाम आपके घर देने आ रहा है। शिकायतकर्ता ने बताया कि इसके बाद उसके पास एक फोन आया कि आपका पार्सल दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंच चुका है और आपको 22 हजार 500 रुपये विनिंग क्लीयरेंस चार्ज दिल्ली कस्टम डिपार्टमेंट को देने पड़ेंगे। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसकी बातों के झांसे में आकर उसने अपनी ज्वैलरी गिरवी रख और कुछ पैसे उधार लेकर आरोपियों के बताऐ खाते में जमा कर दिए। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके बाद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से उसके पास 50 हजार रुपये और देने की मेल आई। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके बाद उसने बिशप जैफ से बात की और उससे कहा कि यह पैसा वह रिजर्व बैंक इंडिया दिल्ली में आकर जमा करा देगी तो आरोपी ने उन्हें ऐसा करने से मना कर दिया। शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्हें शक होने पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में बात की तो उन्होंने बताया कि यह सब झूठ है और आप पुलिस में साइबर कंप्लेंट करें। शिकायतकर्ता को जब तक ठगी का पता चलता तब तक वह साढ़े 22 हजार रुपये गंवा चुकी थी।
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