पंचकूला हिंसा: अब तक 50 से अधिक चालान पेश
-25 अगस्त को पंचकूला में हुई हिंसा का मामला
-फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस कर रही छापेमारी
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
हिंसा मामले में पुलिस की जांच के बाद अब अलग-अलग मामलों में चालान भी पेश किए जाने लगे हैं। वाहनों, संपत्तियों को आग के हवाले करने सहित अन्य मामलों में अब तक 50 से अधिक चालान पेश किए जा चुके हैं। पुलिस अब हिंसा के मामले में फरार आरोपियों की तलाश करने के साथ-साथ जिन मामलों में जांच पूरी हो चुकी है, उनके चालान पेश कर रही है।
हिंसा मामले की जांच के दौरान पुलिस टीम ने गुरसरमोड़ियां, बठिंडा से डेरा और करीबियों की संपत्तियों से संबंधित दस्तावेजों की बरामदगी, लैपटॉप, मोबाइल फोन की बरामदगी की, लेकिन अब तक इनसे मिली जानकारियां दंगे की साजिश की गुत्थी सुलझाने के लिए नाकाफी हैं। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस अभी भी छापेमारी कर रही है। डीसीपी मनवीर सिंह के मुताबिक चालान पेश करने के साथ-साथ फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी टीमें लगातार प्रयासरत हैं।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में हो रही देरी
हिंसा की साजिश में शामिल आरोपी आदित्य इंसां, पवन इंसां, मोहिंदर और गोबी राम सहित अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। लेकिन घटना के बाद से फरार चल रहे हिंसा में शामिल मुख्य आरोपियों का सुराग नहीं मिल सका है। हिंसा मामले में पुलिस ने 170 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई थीं। इनमें 1000 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। लेकिन हिंसा की साजिश और इसे भड़काने में शामिल रहे 15 आरोपियों की पुलिस को अभी भी तलाश है। हनीप्रीत की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने डेरा की कंपनी के सीईओ को गिरफ्तार किया था, लेकिन इस मामले में फरार आरोपियों को अब तक क्यों नहीं गिरफ्तार किया जा सका, यह अब भी एक बड़ा सवाल है।
गौरतलब है कि 25 अगस्त को पंचकूला में हुई हिंसा में करोड़ों के नुकसान के साथ-साथ 36 लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस टीम ने घटना के बाद इस मामले से जुड़े तमाम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए देश भर के शहरों में छापेमारी कर, आरोपियों को गिरफ्तार भी किया। लेकिन शुरुआती दौर से फरार आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से हिंसा की परतें खुलने में लगातार देरी हो रही हैं।
डेरा प्रमुख को फरार कराने में शामिल आरोपियों ने नहीं किया खुलासा
25 अगस्त को पंचकूला में हुई हिंसा में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद चालान पेश करने की शुरुआत हो चुकी है। लेकिन डेरा प्रमुख को फरार कराने की साजिश में शामिल सुरक्षाकर्मियों की गिरफ्तारी के बावजूद इस पूरी घटना का खुलासा अभी नहीं हो सका है। इस मामले में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और चंडीगढ़ पुलिस के सुरक्षाकर्मियों के अलावा निजी सुरक्षा कर्मियों की भी गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस का दावा है कि हिंसा से जुड़े तमाम पहलुओं की जांच के साथ साथ इन केसों में चालान भी पेश किए जा रहे हैं। गिरफ्तार आरोपियों से हुई पूछताछ में भी उन्होंने इस प्लान के बारे में जानकारियां नहीं दी।
विपासना को पूछताछ के लिए फिर बुलाएगी पुलिस
डेरा की तमाम गतिविधियों के बारे में अधिक जानकारी हासिल करने के लिए पुलिस जल्द ही विपासना को फिर बुलाएगी। अब तक पुलिस ने पूछताछ के लिए विपासना को कई बार बुलाया, लेकिन खराब सेहत का हवाला देते हुए वह इसमें शामिल नहीं हुईं हैं। सिर्फ एक बार हनीप्रीत और विपासना की पंचकूला में आमने-सामने पूछताछ की गई। लेकिन इसके बाद से विपासना पूछताछ में शामिल नहीं हुई। डीजीपी बीएस संधू ने कहा कि विपासना को पूछताछ के लिए दोबारा बुलाया जाएगा।