हत्या कर फेंके जा रहे शव, असुरक्षा के साए में लोग
शवों की शिनाख्त करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती
पंजाब की सीमा से लगते गांवों में बढ़ रही आपराधिक घटनाएं
अमर उजाला ब्यूरो
बरवाला।
बरवाला व रायपुररानी में हत्या के बाद फेंके जा रहे शवों से इलाके के लोग सहमे हुए हैं। वो अपने आपको असुरक्षित महससू कर रहे हैं। हाल ही में 24 जून को खंड रायपुररानी के गांव टोडा के पास एक किसान सुखदर्शन सिंह के खेत से शव मिला था। एक दिन बाद फिर 26 जून को बरवाला के गांव भरैली के किसान अमनप्रीत के खेत से भी एक शव बरामद हुआ है। इन शवों की शिनाख्त न होने पर पुलिस ने पंचकूला के सेक्टर छह के अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। लेकिन अभी तक शव की शिनाख्त नहीं हो पाई है। पुलिस के लिए भी इन शवों की पहचान करना और हत्यारों तक पहुंचना बड़ी चुनौती है। इतना ही नहीं गांव गन्नी खेड़ा व गाजीपुर के पास टांगरी नदी के जंगल से भी एक शव लटका मिला था। सभी घटनाएं हरियाणा और पंजाब की सीमा से लगते गांवों में हुई हैं। लगता है कि दूसरे राज्य से आकर हत्यारे शवों यहां फेंक रहे हैं। जिससे बरवाला-रायपुररानी के पंजाब सीमा से लगते गांव क्राइम का हब बनते जा रहे हैं। इस तरह की हो रही घटनाओं को लेकर क्षेत्र के लोग सड़कों से गुजरते समय व किसान अपने खेतों में अकेले रहकर काम करने से भी भयभीत हो रहे हैं कि कहीं कोई उन पर हमला न कर दे। इसको लेकर बरवाला व रायपुररानी क्षेत्र के गांवों के लोगों ने सरकार व पुलिस विभाग से पुलिस गश्त बढ़ाकर लोगों की सुरक्षा की मांग की है।