मोरनी हिल्स गैंगरेप मामले में मुख्य आरोपी गेस्ट हाउस मालिक सुनील कुमार, पीड़िता के पति समेत 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि पीड़िता ने एफआईआर में सिर्फ दो आरोपियों- गेस्ट हाउस मालिक और उसके वेटर का ही नाम लिया था। सोमवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में पंचकूला के एएसपी अंशु सिंगला ने स्टेटस रिपोर्ट दायर कर यह जानकारी अदालत को दी।
चीफ जस्टिस कृष्णा मुरारी और जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ ने स्टेटस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेते हुए एसआईटी को आठ सप्ताह में जांच पूरी करके 9 अक्तूबर को मामले की अगली सुनवाई से तीन दिन पहले अपनी जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट में दाखिल करने के आदेश देते हुए सुनवाई स्थगित कर दी।
जांच में शामिल हुआ पीड़िता का पति
सांकेतिक तस्वीर
स्टेटस रिपोर्ट में बताया गया है कि मामले की जांच के दौरान अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें पीड़िता का पति भी शामिल है। पुलिस ने पीड़िता के पति को 24 जुलाई को इमोरल ट्रैफिकिंग एक्ट की धारा-345 (एबीसी) 67 और 9 के तहत अपनी पत्नी को वेश्यावृति के लिए मजबूर करने के के मामले सहित अन्य धाराओं में गिरफ्तार किया है।
पीड़िता का पति मामले की जांच में भी शामिल हो गया है। स्टेटस रिपोर्ट में आगे कहा गया कि पंचकूला पुलिस ने इस मामले में 21 जुलाई को पीड़िता के बयानों के आधार पर पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित महिला पुलिस थाने में 328, 342, 376-डी, 506, 120-बी के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। इस दौरान गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर उनकी कॉल डिटेल व लोकेशन की जांच की जा रही है।
मामले की जांच के लिए डीसीपी के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया है, जिसमें पंचकूला से एसीपी अंशु सिंगला, क्राइम ब्रांच इंचार्ज इंस्पेक्टर अमन कुमार, इंस्पेक्टर राम कुमार, चंडीमंदिर महिला थाने की एसएचओ इंस्पेक्टर राजेश कुमारी और हेड कांस्टेबल नरेश कुमारी को शामिल किया गया है।