छात्र ने स्कूल परिसर में फंदा लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली। परिजनों ने भी चुपके से अंतिम संस्कार कर दिया और मामला जानकार पुलिस हैरान रह गई। घटना हरियाणा के जींद की है। जुलाना कस्बे के गांव लिजवाना कलां में एक युवक ने स्कूल परिसर में फांसी लगा ली। इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी, जबकि लड़के की मौत के बाद परिजनों ने दाह संस्कार तक कर दिया। युवक ने आत्महत्या क्यों की, इसका पता नहीं चल सका है।
तीन मई को गांव के राजकीय स्कूल के परिसर में गांव के ही 19 वर्षीय युवक अजीत ने संदिग्ध परिस्थितियों में फंदा लगाकर जान दे दी। अजीत ने यह कदम तब उठाया, जब स्कूल की छुट्टी हो चुकी थी। बच्चे और स्टाफ स्कूल से जा चुका था। अजीत द्वारा इतना बड़ा कदम किस कारण से उठाया गया, इसका पता नहीं चल पाया है।
सबसे बड़ी बात यह है कि इस मामले की सूचना पुलिस को भी नहीं दी गई और परिजनों ने शव का दाह संस्कार कर दिया। गांव के सरपंच रामफल ने बताया कि यह घटना उस समय घटित हुई, जब स्कूल की छुट्टी हो चुकी थी और मृतक के परिजन ईंट-भट्ठे पर काम करने के लिए गए हुए थे। अजीत इसी स्कूल का छात्र था और दसवीं कक्षा के पेपर दिए हुए थे।
मृतक युवक और परिजनों के बीच क्या चल रहा है, इस बात का हमें पता नहीं है। युवक दसवीं कक्षा के पेपर दे चुका था। इस कारण स्कूल से युवक का कोई लेना देना नहीं है।
- सुनीता, प्राचार्य राजकीय स्कूल लिजवाना कलां
पुलिस को इस मामले की कोई सूचना नहीं है कि किसी युवक द्वारा गांव लिजवाना कलां के स्कूल में फांसी लगाकर आत्महत्या की है या नहीं और न ही कोई लिखित शिकायत दी गई है। इसकी शिकायत मिली होती तो पुलिस कार्रवाई करती।
- रामतीर्थ, थाना प्रभारी जुलाना थाना