ठेकेदार और आईपीएच अधिकारियों के अलावा इस मामले में संलिप्त अन्य लोगों पर भी केस चलाया जा सकता है।
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एमबीबीएस में दाखिले के नाम पर डॉक्टर परिवार को 19 लाख रुपये की चपत लगाने वाले जालसाज को आर्थिक अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है। जबकि मामले में मुख्य आरोपी फरार है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है। जानकारी के मुताबिक आरोपी की पहचान लुधियाना निवासी एनसी माथुर के रूप में हुई है। पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने शुक्रवार को उसे लुधियाना से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी माथुर ने सेक्टर 22 निवासी एक डॉक्टर की बेटी को मेडिकल में दाखिला दिलाने के नाम पर 2015 में 26 लाख रुपये लिए थे। दिल्ली में उसका कोचिंग सेंटर है और वह कंसलटेंट भी है। पहले तो उसने पीड़ित से वादा किया था कि वह पंजाब के बठिंडा में एमबीबीएस में बेटी को दाखिला कराएगा। उसके बाद कानपुर के मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने की बात कही।
जब परिवार कानपुर में दाखिले के लिए गया तो पता चला कि वहां लड़की का कोई दाखिला नहीं हुआ है। जिसके बाद परिवार ने आरोपी से अपने पैसे मांगे तो सिर्फ सात लाख रुपये लौटाए। बाकी के 19 लाख रुपये लौटाने के लिए टाल मटोल करते रहे। इसके बाद परिजनों ने सेक्टर 17 पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करवाया। मामला अप्रैल में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को जांच के लिए सौंपा था। इसके बाद आरोपी ने कोर्ट में जमानत अर्जी लगा रखी थी। जो कोर्ट से खारिज हो गई थी। वह लंबे समय से पुलिस से बच रहा था। पुलिस को अब भी मामले में उसके एक साथी की तलाश है। पुलिस का दावा है कि साथी का भी पता लग चुका है और जल्दी ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसी बीच शनिवार को पुलिस ने माथुर को कोर्ट में पेश किया और पूछताछ के लिए तीन दिन के रिमांड पर लिया है।