फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुंडागर्दीः डिस्कोथेक में इंट्री नहीं मिली तो सात रांउड बरसाईं गोलियां, सीसीटीवी में कैद

Sun, 01 Dec 2019 12:45 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
दरबाजे पर लगे गोली के निशान, सीसीटीवी में कैद संदिग्ध। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

सेक्टर-26 स्थित प्ले ग्राउंड डिस्कोथेक में रात एक बजे के बाद एंट्री नहीं मिलने से गुस्साए दो युवकों ने गोलियां चला दीं। दो गोलियां डिस्क के बैनर, तीन दरवाजे और दो फर्श में लगीं। दोनों युवक सीसीटीवी में कैद हो गए। गनीमत रही कि गोलियां किसी व्यक्ति को नहीं लगीं। सेक्टर-26 थाना पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

विज्ञापन


वारदात शुक्रवार देर रात करीब सवा एक बजे की है। डिस्कोथेक में गोलियां चलने की सूचना पर ईस्ट डीएसपी दिलशेर सिंह चंदेल, थाना प्रभारी जुलदान सिंह व एएसआई यशपाल मौके पर पहुंचे। सेक्टर-22 निवासी बाउंसर इंदरजीत सिंह ने बताया कि रात करीब एक बजे डिस्कोथेक के बंद होने का समय था।

तभी दो युवक आए और डिस्कोथेक में घुसने लगे। लेकिन समय ज्यादा होने के कारण उन्हें मना कर दिया गया। इस पर वे बाउंसरों से उलझ पड़े। बाद में दोनों युवक पार्किंग की तरफ चले गए। डिस्कोथेक का मेन गेट बंद करते ही दोनों युवक आए और डिस्क को निशाना बनाकर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। एक के बाद एक सात फायरिंग कर दोनों युवक बाइक से फरार हो गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

काले रंग की बाइक पर सवार थे दोनों युवक

प्ले ग्राउंड के बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज में दोनों आरोपी कैद हो गए हैं। फुटेज के आधार पर पुलिस पहचान करने में जुटी है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने 32 बोर की पिस्टल से फायरिंग की है। पुलिस को मौके से पांच खोल बरामद हुए हैं। दोनों आरोपी काले रंग की स्पलेंडर बाइक पर सवार थे।

देर तक धड़ल्ले से चलते हैं डिस्कोथेक
सेक्टर 7, 26, 17, 9, 34, इंडस्ट्रियल एरिया समेत अन्य अलग अलग सेक्टरों में कई डिस्कोथेक हैं। डिस्कोथेक में बुधवार, शुक्रवार और शनिवार को लोग ज्यादा आते हैं। यही वजह है कि कई जगहों पर देर रात तक डिस्कोथेक खोलकर नियमों की धज्जियां उड़ाई जाती हैं। हाल ही में ईस्ट डिवीजन डीएसपी दिलशेर सिंह चंदेल पुलिस टीम के साथ अलग अलग जगहों पर छापामारी कर देर रात तक चलने वाले डिस्कोथेक मालिकों और मैनेजरों पर कार्रवाई की थी। हालांकि बाद में उन लोगों को जमानत पर रिहा कर दिया गया था।

एक बजे बंद करने का समय
डिस्कोथेक को रात एक बजे तक बंद करने का प्रावधान है। ऐसे में अगर देर रात कोई नियमों की धज्जियां उड़ाते पाया जाता है तो पुलिस उस पर आईपीसी 188 के तहत कार्रवाई करती है। पिछले छह महीने में शहर के अलग अलग सेक्टरों में संबंधित थाना पुलिस 10 से ज्यादा डिस्कोथेक मालिकों और मैनेजर पर केस दर्ज कर चुकी है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें