जिस कोठी पर ताले लगाए गए हैं, उसके विवादित होने जैसी उठ रही बातों पर विराम लगाते हुए क्रिकेटर हरभजन सिंह ने कहा कि कोठी मेरी है, ताले किसने लगाए जांच करें। क्रिकेटर हरभजन सिंह की चंडीगढ़ के सेक्टर-9 स्थित चार कनाल की कोठी के दरवाजे पर अज्ञात लोगों के ताले जड़ने के मामले की जांच में शुक्रवार को भी पुलिस के हाथ कोई कामयाबी नहीं लगी। पु
लिस कोठी व उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज इस आस में खंगाल रही है कि कोई संदिग्ध व्यक्ति आसपास घूमता नजर आ जाए। यूटी पुलिस विभाग के पीआरओ एवं डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि फिलहाल जांच जारी है। उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी सीसीटीवी फुटेज में कोई संदिग्ध शख्स कोठी में दाखिल होता या आसपास टहलता नजर नहीं आया है।
उधर, कोठी को लेकर किसी तरह के विवाद की अटकलों को शुक्रवार को हरभजन सिंह ने खारिज कर दिया। हरभजन सिंह ने कहा कि कोठी उनकी है। इससे किसी अन्य का कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने बताया कि कोठी के दरवाजे पर अतिरिक्त ताले लगे होने का पता लगने पर वह और अन्य पारिवारिक सदस्य हैरत में पड़ गए हैं। हरभजन ने बताया कि उनके जीजा, सफाई करवाने के लिए कोठी में अकसर आते-जाते हैं।
इस बार जब वह सफाई करवाने गए तो उन्हें कोठी पर अतिरिक्त ताले लगे दिखे। हरभजन ने बताया कि जीजा ने उन्हें जब इस बात की जानकारी दी तो उन्होंने तुरंत यूटी पुलिस के उच्चाधिकारियों को इस बात की सूचना दी। उन्होंने कहा कि अब पुलिस जांच कर पता लगाए कि उनकी कोठी के दरवाजे पर किन लोगों ने ताला जड़ा है। हरभजन सिंह ने वर्ष 2007 में करीब 7 करोड़ रुपये से 4 कनाल की कोठी खरीदी थी।