मुख्य संसदीय सचिव और भाजपा विधायक नवजोत कौर सिद्धू ने अकाली-भाजपा गठबंधन को लेकर बेहद तीखे तेवर दिखाए हैं। उनका कहना है कि आगामी विधानसभा चुनाव में शिअद-भाजपा के गठबंधन की स्थिति में वे भाजपा के टिकट पर चुनाव मैदान में नहीं उतरेंगी।
उन्होंने कहा कि उनका रुख स्पष्ट है कि गठबंधन की दशा में वे पार्टी की उम्मीदवार नहीं होंगी और न ही पार्टी के लिए प्रचार करेंगी। वे गठबंधन के पार्टी के निर्णय का आदर करती हैं लेकिन उनका फैसला नहीं बदलेगा।
मंगलवार को ही शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल ने नई दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात के बाद एलान किया था कि शिअद-भाजपा का गठबंधन अटूट है। दोनों एक पार्टी की तरह हैं और न केवल अगला चुनाव बल्कि आगामी 20 साल तक मिलकर चुनाव लड़ते रहेंगे।