कोविड सिरिंज के डिब्बों को उतारते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी।
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हरियाणा सरकार ने कोरोना महामारी से बचाव के लिए टीकाकरण की तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को प्रदेश में टीकाकरण के लिए 14 लाख 6900 सिरिंज पहुंच गईं हैं। टीकाकरण के लिए अगले साल आने वाली वैक्सीन कुरुक्षेत्र में स्टोर की जाएंगी।
करनाल स्थित केंद्र सरकार के उत्तर भारत के मेडिकल स्टोर डिपो से हरियाणा स्वास्थ्य विभाग को सिरिंज की आपूर्ति हुई हैं। सोमवार सुबह पंचकूला स्थित स्वास्थ्य विभाग के स्टोर में दो ट्रकों में यह सिरिंज पहुंचाई गईं। एक ट्रक में 352 कार्टन में 702900 सिरिंज थीं। 0.5 एमएल की यह सिरिंज टीकाकरण में इस्तेमाल होंगी।
टीकाकरण के लिए प्रदेश के स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एनएचएम व कुछ स्वास्थ्य कर्मी प्रशिक्षित किए जा चुके हैं। पहले चरण में 65 लाख से अधिक लोगों को टीकाकरण का अनुमान है। इनमें 50 साल से अधिक आयु के 58 लाख लोग, चार लाख से ज्यादा अग्रणी भूमिका निभा रहे कर्मचारी और पौने दो लाख से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारी शामिल हैं। प्रदेश सरकार ने केंद्र से सांसदों, मंत्रियों व विधायकों को भी पहले चरण में टीकाकरण की सिफारिश की हुई है। इन्हें टीकाकरण को लेकर केंद्र के निर्देश पर निर्णय होगा।
चंडीगढ़ में स्टोर होनी थी वैक्सीन
टीकाकरण के लिए आने वाली वैक्सीन को चंडीगढ़ में स्टोर किया जाना था, लेकिन अब कुरुक्षेत्र में किया जाएगा। चंडीगढ़ में तकनीकी दिक्कतों के कारण भंडारण का निर्णय टाला गया है। कुरुक्षेत्र में भंडारण के बाद वैक्सीन को चंडीगढ़, गुरुग्राम, हिसार व रोहतक स्थित कोल्ड चेन में भंडारण के लिए भेजा जाएगा। उसके बाद जिलों में टीकाकरण के लिए आपूर्ति होगी। देश में लगाई जाने वाली वैक्सीन पूना स्थित सीरम इंस्टीट्यूट व भारत बायोटेक कंपनियां बना रही हैं।
2022 व 2024 तक वैध हैं सिरिंज
हरियाणा में टीकाकरण के लिए आईं सिरिंज 2022 और 2024 तक वैध हैं। 2018 में बनी सिरिंज नवंबर 2022 में एक्सपायर होनी हैं। वहीं 2019 में बनी वैक्सीन अप्रैल 2024 में एक्सपायर होंगी।