साध्वी यौन शोषण मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने मंगलवार को डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह की याचिका खारिज कर दी। बचाव पक्ष ने पीड़िताओं के बयानों की कॉपी उपलब्ध करवाने के लिए याचिका दायर की थी। बचाव पक्ष ने याचिका में कहा था कि वर्ष 2003 में पीड़िताओं ने जो बयान दर्ज करवाए थे उनकी कॉपी उपलब्ध करवाई जाए।
इस मामले में सीबीआई ने इसका विरोध करते हुए कापी देने से इनकार कर दिया था। बचाव पक्ष ने इसलिए कापी की मांग की थी क्योंकि उसका कहना था कि वर्ष 2003 में पीड़िताओं ने रेप की बात नहीं की थी। वीरवार को अदालत के समक्ष बयान में इस मामले के पूर्व जांच अधिकारी ने सीबीआई की विशेष अदालत के समक्ष गवाही दी थी और दावा किया कि कथित रेप पीड़िताओं ने वर्ष 2003 में रेप के आरोप नहीं लगाए थे।
पूर्व जांच अधिकारी केएल रैना इस मामले में दूसरे जांच अधिकारी थे। वर्ष 2003 में वह डीएसपी थे और 6 माह के लिए उन्होंने मामले की जांच की थी। इसके बाद पुलिस अधीक्षक के रूप में वह सेवानिवृत्त हुए। वर्ष 2006 में दोनों पीड़िताओं के बयानों को एक अन्य जांच अधिकारी ने दर्ज करने के बाद डेरा प्रमुख के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। डेरा प्रमुख के आवेदन पर उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में रैना को अदालत में गवाही के लिए बुलाने के निर्देश दिए थे।