पिस्टल के बल पर सेक्टर-20 स्थित एक शराब की दुकान से बोतलें और कैश लूटने के आरोपी तीन युवकों को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। बरी होने वालों में अमृतसर के कुलदीप, हरमिंदर और सुखदीप सिंह शामिल थे।
तीनों के खिलाफ सेक्टर-19 थाना पुलिस ने लूट सहित आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। लेकिन पुलिस अदालत में केस को साबित करने में नाकाम रही। सेक्टर-20 स्थित एक शराब की दुकान में बतौर सेल्समैन काम करने वाले कांगड़ा निवासी अशोक कुमार ने पुलिस को दिए बयान में कहा था कि 2 जनवरी की रात करीब सवा 10 बजे 3 युवक दुकान में दाखिल हुए।
उनमें से एक ने आते ही सीसीटीवी कैमरे की तार निकाल दी। इसके बाद एक ने उसके सिर पर पिस्टल तान दी और गन प्वाइंट पर कैश निकालने को कहा। इस पर अशोक ने गल्ले में रखे करीब 20 हजार रुपये आरोपियों के सामने रख दिए।
साथ ही आरोपियों ने दुकान पर कार्यरत दूसरे कर्मचारी शंभु को भी डरा धमकाकर उससे कैश लूटा। साथ ही वह शराब की दो पेटियां भी ले गए। वहीं गन प्वाइंट पर एक आरोपी ने 3 महंगी शराब की बोतलें भी उठाईं।
इसके बाद तीनों डरा धमकाकर वहां से फरार हो गए। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों ने वारदात के दौरान चेहरा कपड़े से ढका हुआ था। क्रॉस के दौरान शिकायतकर्ता अशोक ने कहा कि उसने पुलिस के सामने कई पेपर साइन किए थे।
इनमें से कुछ खाली कागज भी थे। वहीं शंभु ने कहा था कि वारदात के दौरान वह अपनी पान-बीड़ी की दुकान में था। बचाव पक्ष ने कोर्ट में कहा कि अगर आरोपियों के चेहरे वारदात के दौरान कपड़े से ढके हुए थे तो उनकी पहचान किस आधार पर की गई और पुलिस ने उन्हें किस आधार पर गिरफ्तार किया।