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कैप्टन के तीखे हमले पर बाजवा का पलटवार

Sat, 10 Jan 2015 01:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दिल्ली में प्रदेश प्रधान प्रताप बाजवा पर हमला बोला तो लंबी चुप्पी के बाद बाजवा ने भी चंडीगढ़ में कैप्टन पर पलटवार किया।
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बाजवा ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि सीनियर नेताओं से मुलाकात के बाद इस तरह से मीडिया में जाना गलत है। पार्टी की मर्यादा होती है, अनुशासन होता है। कैप्टन ने वह तोड़ कर अब लक्ष्मण रेखा पार कर दी है। वह फौज में रहे हैं, उन्हें अनुशासन का मतलब समझना चाहिए।

फौज हो या पार्टी, अनुशासन के बगैर नहीं जीत सकती। बाजवा ने कहा कि इस तरह की बयानबाजी से कैडर हतोत्साहित होता है, मतदाता भी कन्फ्यूज हो जाता है। इस बयान का असर आने वाले निकाय चुनाव पर भी पड़ सकता है। कैप्टन के बयान कि बाजवा की अगुवाई में पार्टी अगला विधानसभा चुनाव नहीं जीत सकती, पर भी बाजवा ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की।
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उन्होंने कहा कि कैप्टन भविष्यवाणी कब से करने लगे। उनसे पूछा जाना चाहिए कि पिछले दो विधानसभा चुनाव किसकी अगुवाई में हारे गए थे। ऐसे में उनको मेरे बारे में बोलने का अधिकार नहीं है। बाजवा ने कहा कि कैप्टन विदेश दौरे से लौटे हैं। अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए ही उन्होंने यह बयान दिया है।

वह हर 2-3 महीने बाद ऐसे शगूफे छोड़ते रहते हैं। बाजवा ने कहा कि हाईकमान और वर्कर उनके साथ हैं। वह अपना काम कर रहे हैं, कैप्टन को भी अपना काम करना चाहिए था, लेकिन वह लोकसभा में मौजूद नहीं थे। वरना जमीन अधिग्रहण, खाद और नशे जैसे मुद्दे वहां उठा सकते थे।
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कैप्टन प्रताप बाजवा को हटाने पर अड़े हैं

इससे पहले पंजाब के कद्दावर सांसद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दिल्ली में सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में कैप्टन ने पंजाब कांग्रेस प्रधान प्रताप बाजवा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने ट्वीट करते हुए बाजवा का नाम लिए बिना कहा कि 'में चाहता हूं कि पंजाब कांग्रेस में बदलाव हो। पार्टी की बागडोर ऐसे हाथ में हो जो पंजाब में पार्टी को जीत दिलाने में समर्थ हो।'  

गौरतलब है कि कैप्टन पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष प्रताप बाजवा को हटाने पर अड़े हैं, लेकिन पार्टी ऐसा करने को तैयार नहीं है। कैप्टन के रवैये को देखते हुए लोकसभा में उपनेता पद से उनकी छुट्टी तय मानी जा रही है। इसी बीच ये खबरें भी सुनने को मिलीं थीं कि कैप्टन कांग्रेस को छोड़कर अन्य पार्टी बना सकते हैं या भाजपा में शामिल हो सकते हैं।

पार्टी में कद्दावर नेता होने के बावजूद कैप्टन की राज्य इकाई से बिल्कुल नहीं बन पा रही है। पहले राजिंदर कौर भट्टल से उनकी नहीं पटी और अब पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा को भी वह बिल्कुल सहयोग नहीं कर रहे।
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