पिछले एक साल में इन प्रस्तावों पर हुई चर्चा
- सेक्टर 22 में 107 वेंडरों की जगह है। कुछ साइट पर बैठने तक की जगह नहीं है। इसके बावजूद पांच वेंडरों को वहीं बैठाने को कहा जा रहा है
- नॉन-ईएसपी से ईसपी में वेंडर आए तो निगम पर 1187 अतिरिक्त साइट देने का दबाव बन गया
- खतरनाक जगह होने के बावजूद मनीमाजरा में बस स्टैंड के पास 100 वेंडरों को बैठाने का प्रस्ताव लगातार लाया जा रहा
- गोलगप्पा, चाट, कुल्चे, भटूरे, पराठा, तंदूर वालों को भी जगह देने का प्रस्ताव आ रहा
- वार्ड-19 में वेंडरों को पुराने स्थान पर बैठाने के लिए भी लगातार प्रस्ताव लाया जा रहा
- मनीमाजरा में 50 से 60 अवैध वेंडरों का बैठाने का दबाव
- सेक्टर-19 में वेंडरों को समायोजित करने का बन रहा दबाव
- चिक मार्केट के वेंडरों को जगह मिलने के बावजूद सेक्टर-22 में ही बैठाने को कहा जा रहा
- जगह मिलने के बावजूद आईटी पार्क और मॉडर्न हाउसिंग कांप्लेक्स में 50 से 60 वेंडरों को पुराने नाले पर बैठाने को कहा जा रहा जबकि चीफ आर्किटेक्ट ने इस जगह को खतरनाक बताया है
पार्षदों के कहने पर वेंडरों के लिए 53 जगह चिह्नित, 32 हो गए खारिज
सदन में बैठक के बाद पार्षदों ने कहा था कि हमारे वार्ड में कुछ ऐसी जगहें हैं, जहां वेंडरों को बैठाया जा सकता है। शहर में ऐसे 53 स्थानों को चिह्नित किया गया और वहां पर 1729 वेंडरों को बैठाने का फैसला लिया गया। चीफ इंजीनियर, चीफ आर्किटेक्ट, ट्रैफिक पुलिस और पार्षदों की टीम ने निरीक्षण कर इनमें से 32 स्थानों को मौके पर ही खारिज कर दिया, जबकि वहीं 21 स्थानों का प्रस्ताव बनाकर चीफ आर्किटेक्ट के पास भेजा। वहां से अब तक कोई जवाब नहीं आया है।
पार्षद विनोद अग्रवाल सदन की बैठक में मनीमाजरा स्थित मोटर मार्केट में अवैध रूप से बैठे 15 वेंडरों का चालान माफ कर उनका सामान लौटाने के लिए टेबल एजेंडा लेकर आ गए। हालांकि आयुक्त ने साफ कहा कि चालान 10 हजार का ही होगा और सामान जब्त रहेगा। अतिक्रमण का सामान दो हजार में छूट जाएगा। बाद में संयुक्त आयुक्त को दो हजार का चालान करने को कहा गया। वहीं एक पार्षद ने तो वेंडर सेल में जाकर यहां तक बोल दिया कि पीएम स्व निधि के लोन तभी होंगे, जब वेंडरों को पुराने स्थान पर भेजा जाएगा। इसके लिए वह अपना प्रस्ताव भी दे चुके हैं।
वेंडरों को नहीं चालान का डर
निगम आयुक्त ने बताया कि जब वेंडरों को ऐसी जगह बैठा दिया जाएगा, जहां कोई ग्राहक नहीं आता तो वह मजबूरन अतिक्रमण करके मार्केट में बैठेगा। फिर उसे चालान का भी डर नहीं रहता, इसलिए ऐसे वेंडिंग जोन को भी चिह्नित कर रहे हैं। चीफ आर्किटेक्ट के सामने ऐसे वेंडिंग जोन के बदलाव का प्रस्ताव रखेंगे।
प्रशासन ने हमसे पुरानी साइटों का ब्योरा मांगा है। जब तक उन साइटों का ब्योरा स्पष्ट नहीं होता, तब तक नई साइटें नहीं बनाई जा सकती हैं। टीवीसी में लगातार बदलाव के कारण साइटों का आंकड़ा लगातार बदल रहा है, इसलिए अभी नई साइटों को लेकर अभी कोई विचार नहीं है। - केके यादव, निगम आयुक्त।
चीफ आर्किटेक्ट की ओर से प्रस्तावित साइटों में कुछ वेंडिंग जोन ऐसी जगह हैं, जहां वेंडरों के लिए रोजी-रोटी कमाना मुश्किल होता है इसलिए हमारा प्रयास है कि उन्हें ऐसी जगह स्थानांतरित करें, जहां कम से कम उनका घर खर्च तो निकल सके। अन्य वेंडरों की भी समस्या के अनुसार ही साइट बदलने का प्रस्ताव लाते हैं। - रविकांत शर्मा, मेयर।
मना करने के बावजूद निगम ने फर्जी वेंडरों का पंजीकरण करा लिया। 9 हजार में से 12 हजार ही यह वेंडर दिखा सके। उसमें से भी पांच हजार लोगों को साइट नहीं दे सके हैं। पहले निगम बताए कि जो साइटें आवंटित की हैं, वहां कितने वेंडर बैठे हैं और जो खाली हैं, उनकी समस्या क्या है। शहर की योजना के अनुसार ही साइटें आवंटित की गई हैं। फिर भी नई साइटों का प्रस्ताव भेज दिया है। - कपिल सेतिया, चीफ आर्किटेक्ट।