भारतीय जनता पार्टी का झंडा जलाने, प्रतिबंधित पटाखे चलाने और अन्य धाराओं में 6 जून 2024 को दर्ज एफआईआर में पार्षद जसवीर सिंह ने अग्रिम जमानत की मांग की थी। लोकसभा चुनाव के बाद एक वीडियो वायरल हुई थी। उसे वीडियो में उन्हें झंडा और पटाखे जलाते हुए दिखाया गया था।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ के वार्ड नंबर 21 के पार्षद जसवीर सिंह को बड़ी राहत देते हुए अंतरिम जमानत दे दी है। इसके साथ उनकी अग्रिम जमानत की मांग पर यूटी प्रशासन सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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भारतीय जनता पार्टी का झंडा जलाने, प्रतिबंधित पटाखे चलाने और अन्य धाराओं में 6 जून 2024 को दर्ज एफआईआर में पार्षद जसवीर सिंह ने अग्रिम जमानत की मांग की थी। लोकसभा चुनाव के बाद एक वीडियो वायरल हुई थी। उसे वीडियो में उन्हें झंडा और पटाखे जलाते हुए दिखाया गया था। शिकायत के अनुसार इस घटना के कारण शहर में किसी भी प्रकार के दंगे और लड़ाई झगड़े हो सकते हैं। इससे पार्टियों के कार्यकर्ताओं के अंदर आपसी गुस्सा भी पैदा हो सकता है। जो वीडियो सोशल मीडिया पर डाला गया है वह सिर्फ ट्राइसिटी में ही नहीं, सभी जगह पर फैल चुका है। इसकी वजह से कहीं भी दंगे फसाद हो सकते हैं। इस शिकायत पर पुलिस ने जांच की और जांच के बाद जसवीर सिंह लाडी के खिलाफ आईपीसी की धारा 153-A, 143, 149, 120-B और 505(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
याचिकाकर्ता के वकील फैरी सोफत ने बताया कि याची ने एक राजनीतिक पार्टी का झंडा जलाया है, जिससे किसी की धार्मिक भावनाएं आहत नहीं हो सकती हैं। याची ने ऐसा कोई काम नहीं किया, जिससे कोई दंगा आदि हो सके। शिकायत याची की छवि को धूमिल करने के लिए दी गई, जिस पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली। याची ने जांच में सहयोग करने की बात कहते हुए अग्रिम जमानत की मांग की थी। अग्रिम जमानत की मांग पर हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन सहित अन्य को नोटिस जारी कर उन्हें फिलहाल अंतरिम जमानत दे दी है।