मेयर साहब... यह पास-पास क्या है। विपक्षी पार्षदों की भी सुनिए। यह तीखे तेवर थे मनोनीत पार्षद शगुफ्ता परवीन के।
नगर निगम सदन की वीरवार को हुई बैठक में प्रस्तावों पर चर्चा की मांग को लेकर भाजपा-अकाली पार्षदों ने हंगामा किया। इस कारण मनोनीत पार्षद शगुफ्ता परवीन हस्तक्षेप करते हुए मेयर के आसन तक पहुंच गईं।
हंगामा करते हुए कहा कि ये पास-पास क्या है। विपक्षी पार्षदों की भी सुनिए। यह तरीका ठीक नहीं है। इसके बाद मेयर ने सभी प्रस्तावों पर विपक्षी पार्षदों को चर्चा का मौका दिया गया, जिसके बाद भाजपा पार्षद शांत हुए। इस दौरान बैठक में विकास से संबंधित कई प्रस्तावों पर मुहर लगी।
हंगामे के चलते मेयर ने एजेंडे पास करवाना शुरू कर दिए। कांग्रेसी एजेंडे के नंबर सुनते ही पास पास कहने लगते हैं और एजेंडा पास हो जाता।
इसको लेकर विपक्षी भड़क गए। बाद में हंगामे के चलते ही शगुफ्ता परवीन मेयर पर भड़क गईं। इसके बाद मामला शांत हुआ।
नगर निगम सदन की बैठक में विपक्षी पार्षद एजेंडों पर चर्चा कराना चाहते थे। लेकिन, मेयर ने उनकी न सुनते हुए एजेंडा पास करवाने शुरू कर दिया।
इस पर विपक्षी पार्षद सौरभ जोशी विरोध करते हुए सदन से बाहर निकलने लगे तो उनकेसाथ अन्य पार्षद भी चल दिए। लेकिन, बाद में वह मेयर के आसन तक पहुंच गए।
विपक्षी पार्षद अरुण सूद, राजेश गुप्ता, आसा जसवाल, मलकीत सिंह, हीरा नेगी, हरजिंदर कौर, देवेश मोदगिल, सतिंदर सिंह, देशराज गुप्ता ने मेयर के इस व्यवहार पर भड़क गए।