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Chandigarh News: ओल्ड कालका रोड पर परिषद ने तोड़े अवैध निर्माण, लोगों ने किया विरोध

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जीरकपुर। ओल्ड कालका रोड पर शुक्रवार को नगर परिषद ने हाईकोर्ट के आदेशों पर अवैध निर्माण तोड़े। इसके खिलाफ लोगों ने रोष जताया। वहीं, लोगों ने आरोप लगाया कि उनकी सोसायटी के साथ एक बिल्डर की बड़ी-बड़ी बिल्डिंग हैं। इसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही जबकि बिल्डर द्वारा जो दीवार गेट के सामने बनाई है उससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बिल्डर ने अपने फ्लैट बनाने के लिए पीछे से निकल रही सुखना चो पर भी काफी कब्जा किया है। हालांकि नगर परिषद ने अभी शेड व चादरों और बोर्ड आदि पर ही कार्रवाई की है। किसी भी पक्की बिल्डिंग को अभी नहीं तोड़ा गया। वहीं, परिषद ने यह बात जरूर कही है कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। इसके चलते लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़क चौड़ी करनी है तो एक बार क्यों नहीं करते। हमारा घर-दुकानें हमने पहले 2015-16 में तोड़े। इसके बाद हमने दोबारा बनवाए लेकिन फिर से परिषद अब इन्हें तोड़ना चाहती है। इस मौके भारी पुलिस बल भी मौजूद था।
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नोटिस के बावजूद लोगों ने नहीं तोड़े अवैध निर्माण
नगर परिषद ने हाईकोर्ट के आदेशों पर पिछले एक सप्ताह से डिजिटल मैपिंग कर रिपोर्ट तैयार की थी और जिन लोगों ने अवैध निर्माण किया हुआ था। उन्हें दो दिन पहले ही खुद अपने अवैध निर्माण तोड़ने के लिए नोटिस जारी किए थे लेकिन इसके बावजूद लोगों ने अवैध निर्माण नहीं तोड़े। इसके बाद नगर परिषद ने एसएसपी मोहाली से पुलिस सुरक्षा की मांग की थी। इस पर एसएसपी डॉ. संदीप गर्ग ने थाना जीरकपुर के एसएचओ को सहयोग करने के आदेश दिए थे।

कोट्स...
हाईकोर्ट के आदेशों पर यह कार्रवाई की गई है। अवैध निर्माण तोड़ने से दो दिन पहले हमने लोगों को नोटिस दे दिए थे कि वह खुद अपने अवैध निर्माण तोड़ लें नहीं तो मजबूरन नगर परिषद को कार्रवाई करनी पड़ेगी। इसके बाद यह कार्रवाई की गई है। यदि जरूरत पड़ी तो आगे भी यह कार्रवाई की जाएगी। -रवनीत सिंह, कार्यकारी अधिकारी जीरकपुर
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क्या कहते हैं लोग
गरीब लोगों के पीछे पड़ी हुई है नगर परिषद
हम नगर परिषद को कई बार शिकायतें देते हैं लेकिन नगर परिषद कार्रवाई नहीं करती और अब पिछले एक हफ्ते से गरीब लोगों के पीछे पड़ी हुई है। यहां स्थित बिल्डर के खिलाफ हम काफी समय से बोल रहे हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जाती। हम लंबे समय से यहां रह रहे हैं। लोगों को बार-बार परेशान किया जा रहा है। -अमरजीत कौर, स्थानीय निवासी
रजिस्ट्री वाले मकान तोड़ने की कोशिश
यहां बहुत सारे लोगों के पास रजिस्ट्रियां भी हैं। फिर भी उन्हें तोड़ने के लिए नोटिस भेजे गए हैं। गरीबों को बार-बार परेशान किया जा रहा है। एक बार पहले दुकानें और घर तोड़े गए थे और उसके बाद उन्होंने दोबारा बनाए थे लेकिन फिर से हमारे घर-दुकानें तोड़ी जा रही हैं। परिषद एक बार ही कार्रवाई क्यों नहीं करती है। -जगिंदर कौर, स्थानीय निवासी
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