स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत कर चुके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज कुरुक्षेत्र में होंगे, उनके आगमन से मोदी को चाहने वाले खासे उत्साह में है, जबकि कई सवाल भी उठा रहे हैं।
इनका कहना है कि मोदी को कुरुक्षेत्र में यह बताना होगा कि उनका स्वच्छ भारत बनाने का सपना महज तीन दिन में धर्मनगरी में क्यों दम तोड़ गया।
वहीं ये भी बताना होगा, कुरुक्षेत्र वासी कचरा कहां डालें, क्योंकि सफाई पर सवा 7 करोड़ नगर खर्च करने वाली थानेसर परिषद धर्मनगरी को स्वच्छ बनाने में पूरी तरह से विफल है।
प्रधानमंत्री गांधी जयंती पर स्वच्छ भारत बनाने की मुहिम चला चुके हैं, लेकिन धर्मनगरी में सफाई के हालात आज भी बद से बदतर हैं।
यहां ये बताना लाजिमी है कि मोदी जी के साथ आज मंच पर थानेसर से भाजपा प्रत्याशी सुभाष सुधा भी होंगे। थानेसर नगर परिषद के पिछले 20 वर्ष के इतिहास में 15 वर्षों से सुभाष सुधा और उनकी पत्नी नगर परिषद के चेयरमैन पद पर विराजमान हैं।
ऐसे में मोदी के स्वच्छ भारत के मिशन को गति क्यों नहीं मिल रही, ये बड़ा सवाल है। बता दें कि अमर उजाला ने दो अक्तूबर गांधी जयंती पर धर्मनगरी में गंदगी के हालात का पूरा खाका पेश किया था।
इस रिपोर्ट में एक वो तस्वीर थी जिसमें मोदी की अपील पर संस्थाएं स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ी थी, जबकि दूसरी तस्वीर वह थी, जिसमें नगर परिषद की अव्यवस्था की पोल खोली गई थी।
हालांकि इस रिपोर्ट के बाद परिषद की गाड़ियों ने कालेश्वर तीर्थ के पास जमा गंदगी के अंबार हटाने शुरू कर दिए हैं। शनिवार से इस कार्य को अंजाम देने के लिए नगर परिषद के कर्मचारी जुटे नजर आए।
स्थाणु रोड कालेश्वर तीर्थ पर स्थित संतोषी माता मंदिर के गेट के ठीक सामने गंदगी से लबालब कूड़ेदान और इनके इर्दगिर्द भारी मात्रा में गंदगी के अंबार लगे थे।
यहां तक की इस जगह पर मरे हुए जानवर भी पड़े थे। दुर्गंध भरे इस वातावरण से बीमारी फैलने का खतरा बना है। लेकिन नगर परिषद की लापरवाही के चलते तीर्थ के सामने गंदगी का ये आलम बना था।
हालांकि ऐसे हालात नगर में अन्य कई जगहों पर बने हैं। अब नगर परिषद ने उपरोक्त तीर्थ से गंदगी तो हटा दी, लेकिन कचरा प्रबंधन प्लांट न होने के कारण इसे कहां ठिकाने लगाया जाए, ये समस्या नप की सफाई शाखा के लिए बनी है।
भाजपा प्रत्याशी मोदी को दें जवाब
भारतीय योग संस्थान संस्थान और केयू गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मान सिंह ने कहा कि जिन लोगों ने 15 वर्षों तक नगर परिषद का चेयरमैन बनकर राज किया, उन्हें आज मोदी को बताना चाहिए कि कुरुक्षेत्र को स्वच्छ बनाने के लिए वह कुछ नहीं कर सके।
मान सिंह ने कहा कि भाजपा के ऐसे नेताओं से जनता क्या उम्मीद करेगी। उन्होंने कहा कि मोदी आज कुरुक्षेत्र में आ रहे हैं।
उन्हें देखना चाहिए कि धर्मनगरी कितने गंदे वातावरण में जीने को मजबूर है। पूरा इलाका गंदगी से सराबोर है। कचरे का निपटान आग लगाकर किया जा रहा है, जो लोगों के लिए खतरा है।
बाजारों की सड़कों पर गंदगी ही गंदगी
नगर के बाजारों, गली, मोहल्लों और कॉलोनियों की सड़कों पर गंदगी ही गंदगी दिखती है। जनता की सुने तो उनका कहना है कि वे कचरे को कहां फेंके ये सरकार, प्रशासन और नगर परिषद जनता को बताए।
समाजसेवी अशोक बाली के मुताबिक घरों से प्रतिदिन निकलने वाला कचरा कहां डालें इसको लेकर आज कोई ठोस प्रबंध नहीं हुआ।
न कूड़ेदान न ही उठाने वाले
थानेसर परिषद गली मोहल्लों और कॉलोनियों में कूड़ेदान का प्रबंध करने में विफल रही है। वहीं जहां कहीं कूड़ेदान रखे हैं, वहां ये कूड़ेदान लबालब भरे हैं।
लोगों का कहना है कि ऐसे में अगर वे कचरा बाहर फेंकते हैं तो कचरे ढेर लगते हैं, अगर नाली में डालते हैं तो यहां निकासी रुकती है।
ऐसे में वे इस कचरे को क्या घर में ही रखें। संदीप कुमार के मुताबिक परिषद सिर्फ की इच्छा शक्ति सिर्फ ठेके देने में रही है। अगर परिषद की ये ऊर्जा योजनाबद्ध तरीके से विकास पर लगती तो गंदगी के ये हालात नहीं होते।
नप चेयरमैन पत्नी से उम्मीद
भारतीय योग संस्थान के शिक्षक सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि बिरला मंदिर रेलवे फाटक पर गंदगी के अंबार लगे हैं। जबकि यहां नगर की बड़ी रिहायशी कॉलोनियां और मार्केट है।
नगर परिषद के कर्मचारी पूरे शहर की गंदगी और कचरा उठाकर रेलवे फाटक पर डाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोग ब्रह्मसरोवर पर सैर और योग करके इस दुर्गंध भरे वातावरण से प्रतिदिन गुजरते हैं।
अब मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान चलाया है। जनता भाजपा प्रत्याशी सुभाष सुधा की धर्मपत्नी एवं परिषद की चेयरमैन उमा सुधा से उम्मीद है कि उन्हें कुरुक्षेत्र को क्लीन सिटी बनाने में भूमिका निभानी चाहिए।