हरियाणा में स्वास्थ्य विभाग 24 घंटे दी जाने वाले सेवाओं के निरीक्षण के लिए डिटेक्टिव टीम गठित करेगा। यह टीम किसी भी समय इन सेवाओं का निरीक्षण करेगी। साथ ही खुद स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज भी अस्पतालों की निरीक्षण करेंगे। विज ने सभी सीएमओ को सात दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेताया है कि अगर इन सेवाओं में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की ओर से कोई कोताही बरती गई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज ने सख्त लहजे में सिविल सर्जन से कहा कि अगर कोई डॉक्टर या अन्य कर्मी शिशु के पैदा होने पर किसी भी प्रकार की बधाई या उपहार की मांग करता है तो उसके खिलाफ भ्रष्टाचार से संबंधित सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी और ऐसे कर्मियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज होगी।
वर्किंग समय के दौरान अगर कोई स्वास्थ्य सेवा बंद पाई जाती है तो कार्रवाई सिविल सर्जन के खिलाफ होगी। इसके अलावा, अब स्वास्थ्य विभाग में सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की बायोमीट्रिक हाजिरी ही लगेगी। अगर किसी अधिकारी या कर्मचारी ने बायोमीट्रिक हाजिरी नहीं लगाई तो उसे अनुपस्थित माना जाएगा।
विज सोमवार को यहां राज्य के सभी सिविल सर्जन अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े और आईएमआर (शिशु मृत्यु दर), एमएमआर (मातृ मत्यु दर) और लिंगानुपात सुधार के संबंध में बैठक ले रहे थे। विज ने कहा कि एमएमआर, आईएमआर और लिंगानुपात के संबंध में बनाए गए कैलेंडर के तहत अगर कोई अधिकारी व कर्मचारी कार्य नहीं करता है तो उस पर कार्रवाई की जाए। हर मृत्यु के लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी और कोताही बरतने वाले पर कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि आईएमआर, एमएमआर और लिंगानुपात के आंकडों में सुधार लाना है, इसलिए एक डैशबोर्ड विकसित किया जाएगा ताकि प्रत्येक मृत्यु के संबंध में जानकारी हासिल हो सके। इसके अलावा, ऐसी हर शिशु व मातृ मृत्यु का आडिट भी करवाया जाएगा और इसकी रिपोर्ट मुख्यालय पर प्रतिदिन सांझा की जाएगी। विज ने अल्ट्रासाउंड केंद्रों की भी जांच का निर्देश दिया है।