चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों से बिजली बिल के साथ निगम टैक्स भी वसूला जा रहा है। हर बिल के साथ कर्मचारियों को 300 से 400 रुपये अतिरिक्त देने पड़ रहे हैं। यह टैक्स किस रूप में लिया जा रहा है, यह कर्मचारियों को नहीं पता। उन्होंने टैक्स हटाने को लेकर मेयर व पीयू प्रशासन को पत्र लिखा है।
कर्मचारियों ने कहा है कि पीयू स्वायत्तशासी बॉडी है। इसका पूरा ढांचा अलग है। पीयू किसी भी संस्था से सेवा नहीं लेती है। पानी, साफ-सफाई आदि के लिए अपने कर्मचारी हैं। साथ ही उसकी मॉनीटरिंग भी पीयू खुद करती है। सड़क बनानी हो या फिर भवन, उसके लिए भी हर निर्णय सिंडिकेट व सीनेट से पास होते हैं। इसलिए बाहरी संस्थान या विभागों का पीयू में कोई रोल नहीं है। कर्मचारियों ने कहा कि हर माह उनसे बिजली बिल के साथ अतिरिक्त पैसे टैक्स के रूप में लिए जा रहे हैं। उसमें नगर निगम का टैक्स नाम से पैसे दर्ज किए जा रहे हैं। कर्मचारियों में इसको लेकर आक्रोश है। उन्होंने कहा है कि इस प्रकरण को निगम गंभीरता से ले। उन्होंने पीयू प्रशासन से भी कहा है कि इस प्रकरण में दखल करते हुए कर्मचारियों के हित में निर्णय लिया जाए।