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Chandigarh News: बाहरी वाहनों से दोगुना पार्किंग शुल्क लेने के फैसले पर निगम ने साधी चुप्पी, प्रशासन ने मांगी एटीआर

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चंडीगढ़। ट्राइसिटी से बाहर के वाहनों पर लगाए गए दोगुने पार्किंग शुल्क का मुद्दा गरमा गया है। प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने इस फैसले की समीक्षा करने का निर्देश दिया था लेकिन अब तक नगर निगम ने प्रस्ताव को वापस लेने के संबंध में कोई फैसला नहीं लिया है। ऐसे में अब प्रशासन ने इस मुद्दे पर एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) मांग ली है।
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प्रशासन के स्थानीय शासन सचिव नितिन कुमार यादव की तरफ से नगर निगम को एक पत्र भेजकर पूछा गया है कि नगर निगम के सदन में ट्राइसिटी से बाहर के वाहनों पर दोगुना पार्किंग शुल्क लगाने के मामले में अब क्या फैसला लिया गया है। उन्होंने इसकी एक्शन टेकन रिपोर्ट भी मांगी है। बता दें कि ये विवाद 25 जुलाई 2023 को तब शुरू हुआ था, जब नगर निगम सदन की बैठक में चंडीगढ़ के सभी 91 पार्किंग स्थलों को ठेके पर देने का प्रस्ताव नगर निगम सदन में लाया गया था।
बैठक में नए प्रस्तावित पार्किंग शुल्क पर चर्चा चल रही थी। प्रस्ताव में दोपहिया वाहनों की पार्किंग मुफ्त रखी गई। इसी बीच सभी पार्षदों और मेयर अनूप गुप्ता ने प्रस्ताव पास करते हुए उसमें यह भी जोड़ दिया कि ट्राइसिटी से बाहर की गाड़ियों से दोगुना पार्किंग शुल्क वसूला जाएगा। इस पर काफी हल्ला मचा था। पंजाब और हरियाणा के नेताओं ने इस पर आपत्ति जताई थी। कुछ दिन बाद मामला पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित के पास पहुंचा तो उन्होंने इस फैसले की समीक्षा करने का निर्देश दिया था।
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इसके बाद 29 अगस्त को फिर सदन की बैठक हुई, उम्मीद थी कि इस बैठक में प्रशासन अपने उस फैसले को वापस ले लेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बैठक में सभी पार्षदों ने प्रस्ताव के मिनट्स को मंजूरी दे दी और पार्किंग के अपने पुराने प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। अब इस मामले पर आयुक्त आनिंदिता मित्रा का कहना है कि प्रशासन की तरफ से एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी गई है। बाहरी वाहनों से दोगुना पार्किंग शुल्क लेने का फैसला सदन का है। इसकी जानकारी प्रशासन को दे दी जाएगी।

पार्किंग की आरएफपी हो रही तैयार
अगर नगर निगम 25 जुलाई के अपने फैसले पर कायम रहता है तो बाहरी वाहन चालकों को 30 रुपये से लेकर 260 रुपये तक की पार्किंग फीस चुकानी पड़ सकती है। वहीं, व्यावसायिक वाहन चालकों को 60 से 800 रुपये तक चुकाने पड़ सकते हैं। अगर कोई कैश में भुगतान करना चाहेगा तो उसे 5 से 10 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। हालांकि बाहरी दोपहिया वाहनों की पार्किंग चंडीगढ़ में फ्री रहेगी। वर्तमान में निगम की तरफ से पार्किंग को ठेके पर देने के लिए आरएफपी तैयार की जा रही है। शहर में सभी पार्किंग फिलहाल नगर निगम द्वारा खुद चलाई जा रही है लेकिन निगम की कोशिश है कि इसे जल्द किसी एजेंसी को सौंप दिया जाए, क्योंकि पार्किंग के मैनेजमेंट में निगम का काफी समय बर्बाद हो रहा है।

दोपहिया वाहनों की पार्किंग फ्री करने के फैसले को लागू होने में लगेगा समय
पार्किंग के मामले को लेकर शहर में असमंजस की स्थिति है। बहुत से लोग अभी भी पार्किंग कर्मचारियों से बहस करते हैं कि जब दोपहिया वाहनों की पार्किंग मुफ्त है तो उनसे सात रुपये क्यों लिए जा रहे हैं जबकि अभी ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। अभी तो सिर्फ नगर निगम से प्रस्ताव पास हुआ है और मिनट्स को मंजूरी मिली है। पार्किंग के ठेके के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल तैयार होगा। कई चरण की प्रक्रिया के बाद टेंडर होगा। कंपनियों को आमंत्रित किया जाएगा। उनकी तकनीकी और वित्तीय बोली का आकलन होगा। इसके बाद किसी एक कंपनी को काम आवंटित किया जाएगा। उसके बाद जाकर यह दाम लागू होंगे। माना जा रहा है कि इस पूरी प्रक्रिया में अभी भी दो से तीन महीने लग सकते हैं।
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