चंडीगढ़ नगर निगम की आज 355वीं बैठक हो रही है। बैठक से पहले सप्लिमेंटरी एजेंडा लाया गया है। सदन की बैठक शुरू होते ही हंगाना हो गया। बैठक में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी नहीं पहुंचे। पार्षद गाबी ने पूर्व सांसद का मामला तो, भाजपा पार्षदों ने विरोध जताते हुए मौजूदा सांसद मनीष तिवारी के न आने पर बात कही। मेयर का नाम और एरिया पार्षद का विकास कार्यों पर नाम न लिखे जाने के मामले भी सदन में गरमा गया है।
सदन की बैठक में मेयर हरप्रीत कौर बबला की अध्यक्षता में 100 करोड़ के करीब प्रस्तावों पर मुहर लगेगी। सप्लिमेंटरी एजेंडा में 19 प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। सदन की बैठक में मुख्य रूप से शहर के प्रॉपर्टी टैक्स डिफॉल्टरों के लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लाई जाएगी। इसके अलावा 13 गांवों और मनीमाजरा के कॉमर्शियल एरिया में डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन, 75 यूनिपोल विज्ञापन के लिए इच्छुक कंपनियों को अलाॅट करने, सड़कों की रीकारपेटिंग, दक्षिणी सेक्टरों में 31 से 56 , 61 और 62 सेक्टर में मैक्निकल और मैन्युअल तरीके से सफाई करने के लिए टेंडर अलॉट करने, नगर निगम की ओर से कई प्रॉपर्टी के रेंट में 25 फीसद कम करने और कम्युनिटी सेंटरों की बुकिंग में अब छह महीने पहले सूचना देने संबंधित प्रस्ताव लाए जाएंगे। मेयर हरप्रीत कौर बबला के लिए यह सदन की दूसरी आखिरी बैठक होगी। 24 घंटे पानी की सप्लाई के मुद्दे पर हंगामा होना तय है।
शहर में पहली बार प्रॉपर्टी टैक्स डिफॉल्टरों को लेकर ओटीएस स्कीम लाई जा रही है। नगर निगम 2003 के बॉयलाज के तहत प्रॉपर्टी टैक्स वूसल कर रहा है, जोकि 22 नवंबर 2004 में लागू किया गया था। इस तारीख से जिन लोगों का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है और जिन पर पेनेल्टी लगाई गई है, उसको लेकर ओटीएस स्कीम लाई जा रही है। इसमें सामाजिक संस्थानों, सरकारी, रिहायशी, व्यावसायिक और धर्म से जुड़े संस्थान भी शामिल हाेंगे। रोड सब डिविजन नंबर- 5 के अधिकार क्षेत्र में आने वाली अलग-अलग सड़कों और पार्किंग की री-कारपेटिंग होगी।