शहर से देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों और महानगरों के लिए सीधे उड़ान नहीं होने से कारपोरेट्स को परेशानी उठानी पड़ रही है।
आईटी सेक्टर के संग कारपोरेट सेक्टर भी चाहता है कि सिटी से चेन्नई और केरल से जल्द से जल्द सीधे कनेक्टिविटी की जाए। अन्य शहरों से कनेक्टिविटी होने से शहर में व्यापारिक गतिविधियां और बढ़ेंगी।
कनेक्टिविटी का मुद्दा नहीं है। हम लोग दिसंबर, जनवरी और फरवरी में कांटा लगा देते हैं। तीन महीने तक प्लानिंग चौपट हो जाती है। फ्लाइट्स ऐसी नहीं हैं कि सुबह जाकर शाम तक नहीं लौटा जा सकते हैं।
समीर गोयल, मेंबर, सीआईआई नेशनल कमेटी आन आईटी एंड आईटीईएस
चंडीगढ़ से कनेक्टिविटी एक बड़ा इश्यू है। यहां से कनेक्टिविटी तो जरूरी है पर यह फायदेमंद तब होगी, जबकि रात दस बजे तक फ्लाइट्स की शुरुआत होगी। एयरपोर्ट पर आपरेशनल आर्म्स खोलना सबसे जरूरी है।
मनमोहन सिंह, मैनेजिंग डायरेक्टर, अरोमा सेक्टर-22
चंडीगढ़ से एयर कनेक्टिविटी काफी आवश्यक है। सिटी से नई दिल्ली और मुंबई के लिए फ्लाइट्स हैं पर यह कम हैं। चेन्नई और यूपी के लिए तो फ्लाइट्स हैं ही नहीं। नए शहरों के लिए फ्लाइट्स होने से बिजनेस के नए रास्ते खुलेंगे, समय बचेगा और फायदा ज्यादा होगा।
कमल गुलाटी, एवीपी, वीडियोकॉन