जिस तरह से हरियाणा में कोरोना का प्रभाव बढ़ता जा रहा है, उसे देखते हुए प्रदेश में संक्रमण के सामुदायिक फैलाव का खतरा बना हुआ है। मगर स्वास्थ्य महकमे का दावा है कि इससे निपटने के लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत स्वास्थ्य महकमे का फोकस अब कांटेक्ट ट्रेसिंग पर होगा। जिलों में सामने आने वाले संक्रमित मरीज के संपर्क में कितने लोग आ चुके हैं। उन पर काम किया जाएगा। इसी का नतीजा है कि अभी तक प्रदेश में 75 हजार से अधिक लोग मेडिकल सर्विलांस के दायरे में रखे गए हैं।
मगर दूसरी ओर देखें तो प्रदेश में संक्रमण ग्रस्त मरीजों की मौत का सिलसिला भी थम नहीं रहा है। जिससे स्वास्थ्य महकमे की चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य महकमा इसी मृत्यु दर पर नियंत्रण पाने के विभिन्न प्रयासों में जुटा हुआ है। 30 अगस्त तक की स्थिति देखें तो 682 लोग अभी तक कोरोना के शिकार हो चुके हैं। मरने वालों का ये आंकड़ा करीब एक माह के दौरान ही अधिक हुआ है। कम्युनिटी में संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए हरियाणा में विशेष तौर पर कांटेक्ट ट्रेसर तैनात किए गए हैं।
जो संक्रमित मरीजों के संपर्कों पर ही काम करेंगे। स्वास्थ्य महकमे का दावा है कि प्रदेश में कांटेक्ट ट्रेसिंग का काम औसतन 96 प्रतिशत हो चुका है। फरीदाबाद, रेवाड़ी, भिवानी, झज्जर और अंबाला, सिरसा में ये काम 99 प्रतिशत, गुड़गांव, पलवल 98 प्रतिशत, सोनीपत, हिसार, महेंद्रगढ़, कैथल 97 प्रतिशत, नूंह में 96 प्रतिशत, जींद 95 प्रतिशत, पंचकूला में 93 प्रतिशत, करनाल और यमुनानगर 90 प्रतिशत हो चुका है। इसका लक्ष्य भी 100 फीसद रखा गया है।
आंकड़ों में देखें हरियाणा में कोरोना महामारी की तुलनात्मक स्थिति
- मई में, पूरे हरियाणा में रोजाना 2930 सैंपलों की जांच की जा रही थी। जून में संख्या 5 हजार हुई, जुलाई में 11 हजार और अगस्त शुरूआत में आंकड़ा प्रति दिन 16 पहुंचा और अब 29 अगस्त को ये आंकड़ा 24769 था। रोजाना अब सैंपलिंग 25 हजार से अधिक का लक्ष्य रखा गया है।
- हरियाणा में प्रति दस लाख 42,448 सैंपलिंग हो रही है। वहीं पंजाब में यह 36,328 और दिल्ली में 90,938 हैं।
- हरियाणा में कोविड संक्रमण की दर 5.67 प्रतिशत है। जबकि पंजाब में यह 4.89 है और दिल्ली में यह 11.09 प्रतिशत है।
- कोविड की रिकवरी रेट हरियाणा में 82.04 प्रतिशत है। जबकि दिल्ली में 89.40 और पंजाब में रिकवरी दर 66.80 प्रतिशत है।
- संक्रमण से मृत्यु दर हरियाणा में 1.82 है। जबकि दिल्ली और पंजाब में यह 2.60 प्रतिशत है।
- वर्तमान स्थिति को देखते हुए अनुमानित 31 अगस्त तक हरियाणा में ऑक्सीजन की सुविधा के साथ 887 आइसोलेशन बेड की आवश्यकता है। जबकि 5,908 बेड उपलब्ध है। 445 आईसीयू बेड की आवश्यकता है। 2,216 उपलब्ध है। 148 वेंटिलेटर की जरूरत है। जबकि 1,080 वेंटिलेटर उपलब्ध है।
- हरियाणा में संक्रमण की दर 15 जुलाई को 5.91 प्रतिशत थी। अब 5.67 प्रतिशत है। मगर अब फिर बढ़ने लगी है।
- एनसीआर के चार जिलों की स्थिति देखें तो गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर और सोनीपत सहित चार जिले अब तक सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। मगर अब स्थिति कुछ सुधरी है। फरीदाबाद में संक्रमण रेट 15 जुलाई को 14.94 प्रतिशत था। जो 28 अगस्त को यह घटकर 10.04 प्रतिशत हो गई। गुरुग्राम में यह दर 1 जुलाई को 13.05 प्रतिशत थी, जो 28 अगस्त को 6.88 पर आ गई। सोनीपत में 15 जुलाई को ये दर 6.88 था। जो अब 5.27 है।
चरखीदादरी में अब तक सबसे कम सैंपलिंग, इसलिए कम मामले
अभी प्रदेश में हरियाणा में 1103832 मरीजों के सैंपल लिए जा चुके हैं। अंबाला में 55549, भिवानी में 36755, चरखीदादरी में 12583, फरीदाबाद में 127771, फतेहाबाद में 25736, गुरुग्राम में 170973, हिसार में 56453, झज्जर में 47569, जींद में 33573, कैथल में 31461, करनाल में 47338, कुरुक्षेत्र में 36240, नारनौल में 24198, नूहं में 25157, पलवल में 31500, पंचकूला में 30693, पानीपत में 40436, रेवाड़ी में 40451, रोहतक में 74388, सिरसा में 29950, सोनीपत में 82084, यमुनानगर में 42974 सैपलिंग हो चुकी है।
हरियाणा में संक्रमण के फैलाव को लेकर सरकार पूरी तरह मुस्तैद है। हमारे पास पर्याप्त संसाधन है। मृत्यु दर में गिरावट आए और कम्युनिटी ट्रांसमिशन का खतरा टले, इस पर स्वास्थ्य महकमे का पूरा फोकस है। इस संक्रमण पर नियंत्रण करने और इस महामारी से लड़ने में अपेक्षाकृत अन्य राज्यों से बेहतर काम कर रहे हैं।
- राजीव अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग