फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लॉकडाउन के बाद खुले बाजार... कारोबार जल्द पकड़ेगा रफ्तार, ग्राहकों को दिए जा रहे ऑफर्स

Wed, 17 Jun 2020 12:49 PM IST
खुशबू गोयल अरविंद बाजपेयी, चंडीगढ़
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन
अपनी मार्केटिंग और हौसलों से बाजार को फिर से गुलजार करने के लिए व्यापारियों ने कमर कस ली है। बेशक लॉकडाउन ने ट्राइसिटी के बाजार को 2500 करोड़ की चपत लगा डाली पर व्यापारियों ने हार नहीं मानी। अब जब बाजार खुला तो नई शुरुआत करने आ गए। ग्राहकों को खींचने के लिए नई नई रणनीति तैयार होने लगी है। लॉकडाउन के इफेक्ट तो बाजार में हैं पर सुलझे व्यापारी उनमें नहीं उलझ रहे हैं। उनका सीधा सा फार्मूला है काम करो और आगे बढ़ो। लॉकडाउन ने ट्राइसिटी को जबरदस्त झटका दिया है।
विज्ञापन


चाहे करियाना का कारोबार हो या फिर आटो मार्केट और सर्राफा बाजार। सभी में पच्चीस करोड़ से लेकर पांच सौ करोड़ तक का झटका लगा। एक्सपर्ट बताते हैं कि व्यापार एक दूसरे से जुड़ा है। मसलन, करियाना का ज्यादा व्यापार होटल और रेस्टोरेंट की इंडस्ट्री से जुड़ा है। रेस्टोरेंट और होटल इंडस्ट्री बंद होने से नुकसान ज्यादा हो गया। वहीं दूसरी ओर सर्राफा बाजार का नुकसान शादी के सीजन के निकलने के कारण हो गया। यही समय था जबकि लोग गाड़ियां भी खरीदते थे पर लॉकडाउन के कारण धंधा एकदम मंदा हो गया।

अब कई व्यापारी तो सामान को निकालने के लिए उसे सस्ता करने लगे हैं। मसलन, सोना चांदी हो या फिर करियाना का बाजार, दामों में गिरावट आ चुकी है। करियाना का कारोबार अब हो गया मंदा करियाना व्यापारियों के लिए लाकडाउन के बाद मुसीबत हो गई है। करियाना मार्केट के एक्सपर्ट सुनील कंसल ने बताया कि करियाना का व्यापार होटल रेस्टोरेंट के बिजनेस से सीधे जुड़ा है। होटल और रेस्टोरेंट लॉकडाउन में बंद रहे। इसकी वजह से ट्राइसिटी की मार्केट का दो माह में दो सौ करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है।
विज्ञापन


सुनील कंसल ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान करियाना का सारा कारोबार आम ग्राहकों पर ही टिक गया। लेकिन काफी ग्राहकों ने अनिश्चितता की स्थिति को देखते हुए काफी कुछ सामान भर लिया। इसकी वजह से अब सेल एकदम गिर गई। नतीजा यह हुआ कि करियाना के प्रोडक्ट्स की सेल के लिए कई लोगों को दाम कम करने पडे। मसलन, मसालों के दाम में बीस फीसदी की गिरावट आ गई तो वहीं ड्राईफ्रूट भी बीस फीसदी तक सस्ता हो गया।
विज्ञापन

सोने का सुस्त बाजार..जल्द पकड़ेगा स्पीड

सोने के व्यापारियों का लॉकडाउन के दो माह में भारी नुकसान हो गया। इसकी वजह थी कि इन दो माह में शादियों का जबरदस्त सीजन था। ऐसी स्थिति में जो शापिंग होती थी वही इन व्यापारियों की सालाना सेल में इजाफा करती थी। सोने के व्यापारी मनोज अग्रवाल के अनुसार सर्राफा बाजार में करीब सौ करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ। मनोज अग्रवाल के अनुसार ट्राइसिटी में करीब पच्चीस बड़ी कंपनी के आउटलेट हैं। इसके साथ ही लोकल बाजार में सौ से ज्यादा सर्राफा व्यापारी होंगे। ऐसी स्थिति में नुकसान तो जबरदस्त हुआ है। हालांकि सर्राफा बाजार को अगले चार माह में गाड़ी पटरी पर आने की उम्मीद है।

ऑटो इंडस्ट्री में पंद्रह फीसदी काम
ऑटो इंडस्ट्री में अब पंद्रह फीसदी काम रह गया है। चंडीगढ़ ऑटो डीलर्स एसोसिएशन के प्रेसीडेंट रंजीव दहूजा ने बताया कि ट्राइसिटी में ऑटो इंडस्ट्री से जुड़े पचास आउटलेट हैं। ऑटो इंडस्ट्री का काम दो प्रकार से चलता है। पहला सेल और दूसरा सर्विस। सर्विस में अब लोग आने लगे हैं। हालांकि अभी सेल का ग्राफ नहीं बढ़ा है। सेल पंद्रह फीसदी ही है। रंजीव दहूजा के अनुसार ट्राइसिटी में औसतन एक माह में ढाई हजार कारों की सेल का अनुमान है। लॉकडाउन के दौरान सेल खत्म हो गई। उन्होंने कहा कि दो माह के अंतराल के बाद जब मार्केट खुली तो सेल गिरकर दस से पंद्रह फीसदी ही रह गई है। ऑटो इंडस्ट्री में दो माह के दौरान करीब एक पच्चीस करोड़ का नुकसान हो गया।

व्यापार के लिए संघर्ष का है वर्ष
चंडीगढ़ व्यापार मंडल के चेयरमैन चरंजीव सिंह ने कहा कि यह वर्ष संघर्ष का वक्त है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर व्यापारी किसी तरह से वक्त बिताना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि आर्डर पच्चीस फीसदी रह गए हैं। इसकी वजह से लोगों को भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि रेडीमेड गारमेंट की इंडस्ट्री हो या कपड़ा मार्केट, सभी के आर्डर खत्म हो चुके हैं। ऐसी स्थिति में किसी तरह से काम चल जाए तो बेहतर है। चरंजीव सिंह ने कहा कि थोड़ा वक्त तो लगेगा पर काम चलेगा। इसमें छह माह का वक्त तो लगेगा ही। हां, यह जरूर है कि व्यापारियों को स्थिति को समझना चाहिए और संयम से काम लेना चाहिए। बिजनेस खत्म नहीं हुआ है कम हुआ है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें